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    Chhattisgarh Congress : नेता पुत्रों को टिकट पर नाराज पुनिया बोले, राहुल से करो बात....!!

    रायपुर - कांग्रेस हाईकमान ने साफ कर दिया है कि दो बार चुनाव हारने वाले नेताओं और वरिष्ठ नेताओं की पत्नी, भाई, बेटा या बेटी को टिकट नहीं दिया जाएगा। हाईकमान के इस फैसले को जब प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को बताया, तो बेटे के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे विधायक बैचेन हो गए। उन्होंने कहा-जो योग्य है, क्या उसे भी टिकट नहीं देंगे? यह सुनते ही पुनिया नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि तो मैं क्या राहुल गांधी से बहस करता, जो आप मुझसे पूछ रहे हो। उन्होंने विधायक से यह तक कहा कि उन्हें बहस करनी है, तो दिल्ली जाएं और राहुल गांधी से बात करें।

    दिल्ली में सात फरवरी को राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की बैठक ली थी। उसमें छत्तीसगढ़ के प्रभारी पुनिया भी शामिल हुए थे। आठ फरवरी को पुनिया ने रायपुर के राजीव गांधी भवन में प्रदेश चुनाव समन्वय समिति, प्रदेश चुनाव अभियान समिति, प्रदेश चुनाव प्रचार समिति और प्रदेश चुनाव प्रबंधन कमेटी की संयुक्त बैठक ली थी, जिसमें मुख्यमंत्री व पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल भी उपस्थित थे।

    पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पुनिया ने बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताया कि हाईकमान ने लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के लिए फॉर्मूला तय कर दिया है। फॉर्मूले में पहली बात तो यह है कि कमजोर नेता को चुनाव नहीं लड़ाना है, मतलब जो चुनाव हारता रहा है। दूसरी बात, परिवारवाद नहीं चलने दिया जाएगा। ऐसे कार्यकर्ता या नेता को मौका दिया जाएगा, जो अब तक वंचित रहे हैं।

    पुनिया की यह बात सुनते ही पार्टी के उस विधायक से रहा नहीं गया, जो बेटे के लिए टिकट की लॉबिंग करने लगातार दिल्ली जा रहे हैं। विधायक बोले-जैसे कमलनाथ के बेटे हैं, वैसे जो योग्य है, क्या उसे भी मौका नहीं देंगे। यह सुनकर पुनिया भड़क गए और बोले-वो बता रहे हैं, जो हाईकमान ने कहा है। उनसे कोई बहस न करे।

    माह के अंत तक प्रत्याशियों का नाम फाइनल करने का लक्ष्य

    पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों से दो हफ्ते में प्रत्याशियों के नाम दिल्ली मंगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में प्रदेश प्रभारी सचिव डॉ. चंदन यादव और डॉ. अस्र्ण उरांव अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करके प्रत्याशियों का पैनल तैयार कर भेजेंगे।

    एआइसीसी के रिसर्च विभाग ने अपने सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों में सर्वे किया है। शक्ति एप के माध्यम से कार्यकर्ताओं से भी नेताओं के नाम पूछे जा रहे हैं। यह सभी प्रक्रिया माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद राहुल मुख्यमंत्री बघेल और कुछ वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय लेंगे।