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    ओपिनियन पोल: प्रियंका गांधी के आने से बढ़ेगा कांग्रेस का वोट शेयर, सीटों में BJP को बढ़त....!!

    लोकसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ ही सर्वे का दौर भी जोरों पर हैं. मीडिया और सर्वे एजेंसियां अनुमान लगाने में जुटी हुई हैं कि जनता में चुनावों को लेकर किस तरह की सरगर्मी है. अब एक ओपिनियन पोल में सामने आया है प्रियंका गांधी के कांग्रेस में शामिल होने से उत्‍तर प्रदेश के पूर्वांचल में बीजेपी को फायदा हो सकता है. सर्वे में कहा गया है कि प्रियंका के कांग्रेस महासचिव बनने और पूर्वांचल की जिम्मेदारी मिलने से सपा-बसपा के गठबंधन को नुकसान हो सकता है. इंडिया टीवी और सीएनएक्‍स की ओर से कराए इस सर्वे में अनुमान है कि प्रियंका गांधी के राजनीति में उतरने से पूर्वांचल की 43 सीटों पर बीजेपी और सपा-बसपा में कड़ी टक्कर रहेगी लेकिन पलड़ा बीजेपी का भारी रह सकता है !

    सर्वे का अनुमान है कि प्रियंका गांधी के आने से कांग्रेस का वोट बढ़ेगा जिससे बीजेपी के बजाय सपा-बसपा को नुकसान होगा. ऐसे में 43 में से 20 सीटों पर बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियां जीत सकती हैं. वहीं सपा-बसपा को 19 सीटें जबकि कांग्रेस को चार सीटों पर जीत मिलने की संभावना है. बता दें कि इससे पहले इसी एजेंसी की ओर से पिछले साल नवंबर में कराए गए ओपिनियन पोल में सपा-बसपा को बड़ी बढ़त लेते हुए दिखाया गया था.

    उस समय कहा गया था कि मायावती और अखिलेश यादव के मिलकर चुनाव लड़ने से उन्‍हें पूर्वांचल की 43 में 26 सीटें मिल सकती हैं. बीजेपी और उसके सहयागी दलों को केवल 15 सीट पर संतोष करना पड़ सकता है. उस समय कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलने का ही अनुमान था.

    अब नए सर्वे में सामने आया है कि प्रियंका गांधी के आने से चुनावी समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है. उनके आने से कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ सकता है हालांकि सीटों में खास बढ़ोत्‍तरी नहीं दिख रही. सर्वे के अनुसार, गोरखपुर, वाराणसी, फूलपुर जैसी सीटों पर भी कांग्रेस के वोट बैंक में खासी बढ़ोत्‍तरी होगी. वाराणसी में कांग्रेस को 28 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है जबकि पहले ये 16 प्रतिशत था. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस को केवल 7.34 प्रतिशत वोट मिले थे.


    बता दें कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पिछले महीने प्रियंका गांधी को महासचिव बनाते हुए पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की जिम्‍मेदारी दी थी. उनके अलावा ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश का जिम्‍मा सौंपते हुए महासचिव बनाया था. 2014 के आम चुनाव में उत्‍तर प्रदेश में बीजेपी को 71 सीट पर जीत मिली थी. वहीं सपा को पांच और कांग्रेस को दो सीट मिली थी. दो सीटें बीजेपी की सहयोगी अपना दल को गई थी. बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी.