चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं। गलवान घाटी संघर्ष के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। करीब सात साल बाद हो रही उनकी 24 घंटे की यात्रा को कूटनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 हजार जवानों की तैनाती, NSG कमांडो भी मुस्तैद
शी जिनपिंग समेत विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा के लिए दिल्ली में अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के 15 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं। गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 200 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं।
इसके अलावा NSG के 100 से अधिक स्नाइपर्स और कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस की SWAT टीमें भारत मंडपम और विदेशी मेहमानों के होटलों की सुरक्षा संभाल रही हैं।
500 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी
वीवीआईपी काफिलों के गुजरने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक हाई रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनमें फेस रिकग्निशन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हवाई खतरों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात हैं। इसके साथ ही 24 घंटे सक्रिय रहने वाले दो विशेष कमांड रूम बनाए गए हैं।
35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों से सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, मथुरा रोड और अशोक रोड समेत 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक पूरी दिल्ली बंद नहीं है। वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान ही कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा रहा है।
PM मोदी और शी जिनपिंग की बैठक पर सबकी नजर
इस यात्रा का सबसे अहम पड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता है। दोनों नेताओं की मुलाकात शाम 5:45 बजे प्रस्तावित है।
बैठक में एलएसी पर तनाव कम करने, सीमा पर शांति बनाए रखने और भारत-चीन व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
गलवान के बाद शी जिनपिंग की भारत यात्रा और मोदी के साथ उनकी मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।