Amit Shah on Infiltration: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज (NSS) कॉन्फ्रेंस में देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत में रहने का अधिकार नागरिकों को है और अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए चुनौती बन सकती है।
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले आठ महीनों के दौरान उन्होंने सभी बॉर्डर राज्यों का दौरा किया है और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ रणनीतिक दस्तावेज साझा किए हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।
आतंकवाद और नक्सलवाद पर जीरो टॉलरेंस
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद जैसी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में केंद्र और राज्यों की एजेंसियों ने महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए PRAHAR रणनीति को रोजमर्रा की कार्रवाई में प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का समय रहते आकलन करना जरूरी है।
सात साल में 274 भगोड़े भारत लाए गए
गृह मंत्री ने बताया कि 2019 से 2026 के बीच विदेशों से 274 भगोड़े अपराधियों को वापस भारत लाया गया है। उन्होंने राज्यों से भी विदेशों में मौजूद भगोड़ों को कानून के दायरे में लाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
उन्होंने मल्टी एजेंसी सेंटर को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय हो सके।
एक साल में नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों को एक साल के भीतर पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और दोषसिद्धि दर में भी सुधार होगा।
उन्होंने युवा अधिकारियों को डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी, ताकि अपराध के नए तरीकों और भविष्य के सुरक्षा खतरों की पहले से पहचान की जा सके।
नशामुक्त भारत के लिए तीन स्तरों की रणनीति
नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शाह ने Detect, Disrupt और Destroy की तीन स्तरीय रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने राज्यों की पुलिस से Narcotics Control Vision Document 2026-2029 को जमीन पर लागू करने की अपील की। उनका कहना था कि नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिलेगा।
वैश्विक चुनौतियों को भी सुरक्षा नीति में शामिल करने की जरूरत
गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा नीति केवल सीमाओं या आतंकवाद तक सीमित नहीं हो सकती। इसके तहत वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन में बाधा, बढ़ता कट्टरपंथ और साइबर युद्ध जैसी चुनौतियों का भी आकलन करना होगा।
उन्होंने NSS फोरम से 15 से 20 साल आगे की संभावित सुरक्षा चुनौतियों को पहचानने और उन्हें बड़े संकट में बदलने से पहले रोकने की रणनीति तैयार करने को कहा।
सीमा सुरक्षा को लेकर पहले भी कई कदम
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार पहले भी कई पहल की बात कर चुकी है। मई 2026 में केंद्र ने सीमा क्षेत्रों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और जनसांख्यिकीय बदलावों के अध्ययन के लिए हाई-लेवल कमेटी जैसे कदमों की घोषणा की थी।
मई में सरकार ने High-Level Committee on Demographic Change गठित करने की जानकारी भी दी थी। इसके अलावा राजस्थान में सीमा सुरक्षा की समीक्षा और BSF से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे।
शाह का स्पष्ट संदेश
अमित शाह के संबोधन का मुख्य फोकस आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, नशे के खिलाफ अभियान और भविष्य के सुरक्षा खतरों की तैयारी पर रहा।
उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, तकनीक के इस्तेमाल और समय रहते खतरे पहचानकर कार्रवाई करने पर जोर दिया।