छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के और हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 11 जून से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
सोमवार शाम प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। भिलाई में कुछ समय के लिए जोरदार बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और मौसम सुहावना हो गया। वहीं रायपुर के कई इलाकों में भी बादल बरसे, हालांकि उमस और गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हो सका।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण प्रदेश में लगातार बादल बन रहे हैं। यही वजह है कि कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इन गतिविधियों के और मजबूत होने की संभावना है, जिससे मानसून का प्रवेश और व्यापक बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है। हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के कारण मौसम में कुछ राहत महसूस की जा सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी मानसून का आगमन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश के किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुटे हुए हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान यदि सही साबित होते हैं तो आने वाले दिनों में कृषि गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें मानसून की आधिकारिक एंट्री पर टिकी हुई हैं। मौसम के बदलते तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि लंबे इंतजार के बाद अब छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक बहुत करीब है। यदि परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।