दुर्ग, 30 सितंबर 2026/ सरकार सेवा संकल्प की नीति के तहत् समाज के हर वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर उनके जीवन में खुशहाली लाने का निरंतर प्रयास कर रही है। इस संकल्प से पोटिया कुंदरापारा दुर्ग के रहने वाले 80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग सूरजभान महिलांगे और उनकी पत्नी सुशीला डहरे के जीवन में एक नई किरण बनकर उभरी है। 11 फरवरी 2021 को सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह के बंधन में बंधने के बाद, जब इस दिव्यांग दंपत्ति ने समाज कल्याण विभाग दुर्ग से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने उन्हें शासन की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। विवाह के 6 माह के भीतर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर आवेदन प्रस्तुत करने पर दंपत्ति को शासन की ओर से 1 लाख (एक लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। शासन की सेवा भाव के संवेदनात्मक नीति से मिली इस आर्थिक मदद का सूरजभान और सुशीला ने सदुपयोग करते हुए इसे आत्मनिर्भरता का जरिया बनाया। प्राप्त राशि से सूरजभान ने एक पान पैलेस की शुरुआत की, वहीं उनकी पत्नी सुशीला ने सिलाई-कढ़ाई का कार्य शुरू कर दुकान का संचालन प्रारंभ किया। आज दोनों अपनी मेहनत और शासकीय योजना के सहयोग से परिवार की आय में वृद्धि कर एक सुखमय जीवनयापन कर रहे हैं। सूरजभान और उनकी पत्नी ने दिव्यांगों के पुनर्वास और स्वावलंबन के लिए दी जा रही इस मदद और शासन के संवेदनशील प्रयासों के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।