चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु खतरों से निपटने वाली विशेष टीमों से लेकर अत्याधुनिक ड्रोन रोधी प्रणालियों तक, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि 2019 के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उनके होटल से लेकर सम्मेलन स्थल भारत मंडपम तक सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं।
होटल से भारत मंडपम तक कड़ा सुरक्षा कवच
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस, विशेष सुरक्षा समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। राष्ट्रपति के ठहरने वाले होटल, काफिले के मार्ग और सम्मेलन स्थल पर विशेष सुरक्षा जांच की गई है।
रासायनिक और परमाणु खतरों से निपटने की तैयारी
वीवीआईपी सुरक्षा के तहत रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु खतरों से बचाव के लिए विशेष जांच दलों को सक्रिय किया गया है।
- विशेषज्ञ टीमों की तैनाती: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना की विशेष आपदा प्रबंधन इकाइयों को सतर्क रखा गया है।
- हवा और पानी की निगरानी: अति विशिष्ट स्थलों के आसपास हवा की गुणवत्ता और पानी के स्रोतों की जांच की जा रही है।
ड्रोन रोधी सिस्टम और निशानेबाजों का पहरा
आधुनिक हवाई खतरों से बचाव के लिए वीवीआईपी मार्गों और भारत मंडपम के आसपास ड्रोन रोधी उपकरण लगाए गए हैं। ऊंची इमारतों पर विशेष बलों और प्रशिक्षित निशानेबाजों की तैनाती की गई है।
नई दिल्ली और सम्मेलन स्थल के आसपास उड़ान प्रतिबंध लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी अनधिकृत ड्रोन या उड़ने वाली वस्तु से खतरे को रोका जा सके।
तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, कैमरों से निगरानी
शी जिनपिंग के काफिले की आवाजाही के दौरान दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रहेगी। बाहरी घेरे में पुलिस और अर्धसैनिक बल, जबकि अंदरूनी सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष कमांडो और निजी सुरक्षा दस्ते के पास होगी।
आधुनिक कैमरों और निगरानी तकनीक के जरिए सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। सम्मेलन के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया गया है।