मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मिश्रित संकेतों के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 149 अंकों की बढ़त के साथ 78,788 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 160 अंक टूटकर 24,618 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी एक्सपायरी और NSE के नए Closing Auction System (CAS) का असर शुरुआती ट्रेडिंग में देखने को मिल रहा है।
शुरुआती कारोबार में इन सेक्टरों पर दबाव
बाजार खुलते ही आईटी और रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। इसके अलावा एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएसई से जुड़े शेयर भी कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए।
हालांकि मेटल और एनर्जी सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी जारी रही, जिसके चलते इन दोनों सेक्टरों के इंडेक्स हरे निशान में बने रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां बड़े शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहा, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि मिडकैप इंडेक्स में भी सीमित दायरे में सकारात्मक रुख देखने को मिला।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स
शुरुआती कारोबार में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, बीईएल, इंडिगो, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
इन शेयरों में रही कमजोरी
दूसरी ओर एचयूएल, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, मारुति सुजुकी और एसबीआई के शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में दिखाई दिए।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार बढ़त में रहे, जबकि टोक्यो, हांगकांग और सोल के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं अमेरिकी शेयर बाजारों ने सोमवार को मजबूत प्रदर्शन किया। डाओ जोन्स 1.32% और नैस्डैक 2.13% की बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजारों की इस तेजी का असर भारतीय बाजार के शुरुआती कारोबार में भी आंशिक रूप से देखने को मिला।