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5 दिन में सोना ₹7 हजार से ज्यादा चढ़ा, ₹1.49 लाख पर पहुंचा भाव; चांदी भी ₹14 हजार महंगी

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Gold-Silver Price: इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹7,064 बढ़ी, जबकि चांदी के भाव में ₹14,094 प्रति किलो का उछाल आया।

सप्ताह की शुरुआत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.42 लाख थी, जो शुक्रवार तक बढ़कर ₹1.49 लाख हो गई। इसी तरह एक किलो चांदी का भाव सोमवार को करीब ₹2.17 लाख था, जो सप्ताह के अंत में बढ़कर ₹2.31 लाख पहुंच गया।

शुक्रवार को ही सोने के दाम में ₹1,181 और चांदी में ₹5,707 की तेजी दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना करीब ₹1.48 लाख और चांदी ₹2.25 लाख प्रति किलो पर थी।

सोने-चांदी में तेजी की 5 बड़ी वजहें

कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक आई तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं।

1. वैश्विक तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की तरफ रुख करते हैं।

इस बढ़ती मांग का असर सोने और कुछ हद तक चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

2. अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर नरम रुख और संभावित दर कटौती की उम्मीद ने भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है।

आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ने पर सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों में निवेश की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

3. डॉलर कमजोर होने का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से भी सोने और चांदी को फायदा मिल सकता है। डॉलर में कमजोरी आने पर दूसरी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए कीमती धातुएं अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती हैं।

4. केंद्रीय बैंकों की बढ़ती गोल्ड खरीद

दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से वैश्विक बाजार में सोने की मांग को मजबूती मिलती है।

भारत समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक पिछले कुछ समय से गोल्ड रिजर्व को लेकर सक्रिय रहे हैं।

5. इंडस्ट्रियल सेक्टर से चांदी की मजबूत मांग

चांदी केवल निवेश के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु नहीं है, बल्कि इसका बड़े पैमाने पर औद्योगिक इस्तेमाल भी होता है।

सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े क्षेत्रों में चांदी की मांग बढ़ने से इसके भाव को सपोर्ट मिल रहा है।

2026 में सोना अब तक करीब ₹16 हजार महंगा

साल 2026 में सोने की कीमत में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख था, जो अब बढ़कर लगभग ₹1.49 लाख हो गया है।

इस हिसाब से साल की शुरुआत से सोना करीब ₹16 हजार महंगा हो चुका है।

चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब लगभग ₹2.31 लाख पर पहुंच गया है।

हालांकि, इस दौरान सोने और चांदी दोनों ने बड़े रिकॉर्ड स्तर भी देखे। 29 जनवरी को सोना करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई तक पहुंची थी।

साल के अंत तक ₹1.60 लाख तक जा सकता है सोना?

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने और चांदी की मौजूदा कीमतें अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे हैं। ऐसे में कुछ निवेशक मौजूदा स्तरों पर खरीदारी का रुख अपना रहे हैं।

उनका मानना है कि निवेशकों को कीमती धातुओं में एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश पर विचार करना चाहिए।

केडिया के अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक सोना करीब ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.80 लाख प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।

हालांकि, ये अनुमान हैं और वास्तविक कीमतें वैश्विक बाजार, डॉलर, ब्याज दर, भू-राजनीतिक घटनाओं और मांग-आपूर्ति जैसे कई कारकों पर निर्भर करेंगी।

Gold-Silver ETF के जरिए भी कर सकते हैं निवेश

जो निवेशक सीधे सोना या चांदी खरीदकर रखने के बजाय बाजार से जुड़े विकल्प तलाश रहे हैं, वे Gold ETF और Silver ETF पर भी विचार कर सकते हैं।

ETF यानी Exchange Traded Fund की खरीद-बिक्री शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर की जाती है। इसमें निवेशक को फिजिकल सोना या चांदी नहीं मिलता, बल्कि संबंधित ETF यूनिट्स मिलती हैं।

जब निवेशक ETF बेचता है, तो उसे उस समय के बाजार मूल्य के आधार पर राशि प्राप्त होती है।

ETF में निवेश कैसे करें?

Gold या Silver ETF में निवेश करने के लिए आम तौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है।

निवेशक अपने ब्रोकर के जरिए NSE या BSE पर उपलब्ध ETF की यूनिट खरीद सकता है। ऑर्डर पूरा होने के बाद संबंधित यूनिट निवेशक के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाती हैं।

ETF को बेचने के लिए भी ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है।

निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखें

सोने और चांदी की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी निवेश का फैसला केवल संभावित रिटर्न देखकर नहीं करना चाहिए। ETF में निवेश करने से पहले उसके खर्च, ट्रैकिंग एरर, लिक्विडिटी और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है।

नोट: सोने-चांदी के भाव बाजार की परिस्थितियों के अनुसार लगातार बदलते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े उपलब्ध IBJA डेटा और दिए गए स्रोत पर आधारित हैं।

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