नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के खिलाफ नारायणपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग ठगी के मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों के तार मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा तक जुड़े मिले हैं। पुलिस ने सात अन्य आरोपियों को नोटिस भी जारी किया है। पिछले दो महीनों में थाना छोटे डोंगर और झाराघाटी में दर्ज मामलों की जांच के दौरान मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाया। कहीं कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ठगी की गई, तो कहीं परिचित बनकर फर्जी पेमेंट मैसेज भेजे गए। एक अन्य मामले में पीड़ित को डराकर रकम ऐंठी गई।
कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए 10 हजार रुपये की ठगी
छोटे डोंगर थाने में दर्ज पहले मामले में आरोपी ने कॉल फॉरवर्डिंग का इस्तेमाल कर पीड़ित से 10 हजार रुपये की ठगी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की और उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी रितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया।
परिचित बनकर भेजा 50 हजार रुपये का फर्जी मैसेज, खाते से निकले 71 हजार
दूसरे मामले में ठगी का तरीका कुछ अलग था। आरोपी ने पीड़ित को फोन कर खुद को उसका परिचित बताया और फोन-पे के जरिए 50 हजार रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने रकम ट्रांसफर होने का फर्जी मैसेज भेज दिया और पीड़ित से पैसे वापस मांगने लगा।
पीड़ित ने मैसेज पर भरोसा करते हुए रकम भेज दी। इसके बाद आरोपी ने पैसे वापस आने का झांसा देकर पीड़ित से मोबाइल पर कुछ प्रक्रियाएं पूरी कराईं। इस दौरान पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग लेनदेन में कुल 71,606 रुपये कट गए।
शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस प्रकरण में मध्यप्रदेश के ग्वालियर और शिवपुरी तथा हरियाणा के नूंह से जुड़े रमेश साहू, आकाश रावत, अजय परिहार और मोहम्मद अरमान खान को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अजय परिहार कियोस्क सेंटर संचालित करता है। मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अन्य तीन आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
डराकर एक लाख रुपये की ठगी
तीसरा मामला झाराघाटी थाना क्षेत्र के ग्राम महीमा गवाड़ी का है। यहां पीड़ित को डराकर एक लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ निवासी राजा भैया लोधी को गिरफ्तार किया है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह
लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए नारायणपुर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
- कॉल फॉरवर्डिंग से सावधान रहें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग चालू न करें।
- पेमेंट मैसेज की पुष्टि करें: किसी के पैसे भेजने के मैसेज पर भरोसा करने से पहले बैंक खाते में रकम आने की जांच करें।
- बिना सत्यापन पैसे वापस न भेजें: किसी परिचित के नाम से रकम लौटाने का अनुरोध आने पर पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
- OTP और UPI PIN साझा न करें: बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत पोर्टल: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
नारायणपुर पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में कार्रवाई के बाद भी जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, फर्जी भुगतान संदेश और पैसे वापस भेजने के दबाव में आकर जल्दबाजी में कोई लेनदेन न करें। थोड़ी-सी सतर्कता साइबर ठगी से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।