दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक उपाय पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, अच्छी नींद और तनाव पर नियंत्रण जैसी आदतें हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं। इसके साथ धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी बेहद जरूरी है।
भोजन में शामिल करें ये हेल्दी चीजें
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना के भोजन में हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें, साबुत अनाज और बिना नमक वाले मेवे शामिल करें। जैतून के तेल जैसे असंतृप्त वसा वाले विकल्पों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है। मछली का सेवन करने वाले लोगों के लिए भी यह संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है।
नमक की मात्रा प्रतिदिन 5 ग्राम से कम रखने का प्रयास करें। अतिरिक्त चीनी, मीठे पेय, तली हुई चीजों और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें। फलों का जूस पीने की बजाय साबुत फल खाना बेहतर है। साथ ही, वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखने पर ध्यान दें।
हर सप्ताह 150 से 300 मिनट करें व्यायाम
दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है। इसके लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं:
- हर सप्ताह 150 से 300 मिनट तक तेज चाल से चलें, तैराकी करें या अन्य मध्यम तीव्रता वाली गतिविधियां अपनाएं।
- सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करें।
- लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें और बीच-बीच में उठकर चलें।
- अपनी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम का चुनाव करें।
ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की जांच जरूरी
हृदय रोगों का खतरा कम करने के लिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार HbA1c जांच भी कराई जा सकती है, जिससे पिछले लगभग तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर स्तर का पता चलता है।
यदि आपको पहले से कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यक्तिगत स्वास्थ्य लक्ष्य तय करें और निर्धारित दवाएं नियमित रूप से लें।
रोज 7 से 9 घंटे की नींद लें
पर्याप्त नींद भी हृदय के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। वयस्कों को आमतौर पर रोज 7 से 9 घंटे की नींद लेने का प्रयास करना चाहिए।
इसके अलावा, धूम्रपान और दूसरे लोगों के धुएं के संपर्क से बचें। तनाव कम करने के लिए ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास और परिवार या दोस्तों से बातचीत जैसी गतिविधियां अपनाएं।
हार्ट अटैक के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
सीने में दबाव या दर्द, अचानक पसीना आना, सांस फूलना, मितली और दर्द का बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना हार्ट अटैक के संभावित लक्षण हो सकते हैं।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत 112 पर कॉल करके आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने से बचें और इलाज में देरी न करें। एस्पिरिन खुद से लेना या इसे रोजाना शुरू करना उचित नहीं है; इसके लिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
निष्कर्ष: दिल की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय पर स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। छोटी-छोटी आदतों में सुधार लंबे समय में हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।