Coal Levy Scam: छत्तीसगढ़ के कथित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी मामले में सोमवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी समेत 9 आरोपी कोर्ट पहुंचे हैं। EOW इस मामले में अंतिम आरोप पत्र पेश करने की तैयारी में है।
कोर्ट पहुंचने से पहले देवेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया और संविधान पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्ष को डराने और फंसाने की राजनीति कर रही है।
देवेंद्र यादव बोले- ‘मैं राहुल गांधी का सिपाही हूं’
देवेंद्र यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश में कथित कुशासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथ वही स्थिति है, जो आम जनता के साथ है।
उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के सिपाही हैं और हर मोर्चे पर खड़े रहेंगे। यादव ने यह भी कहा कि जेल की दीवारें उनका इरादा नहीं तोड़ पाईं, तो सरकार भी उनका हौसला नहीं तोड़ सकती।
हालांकि, ये सभी राजनीतिक आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
चिंतामणि महाराज के नाम पर भी यादव का हमला
देवेंद्र यादव ने बीजेपी सांसद चिंतामणि महाराज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में जांच से जुड़े दस्तावेजों में उनका नाम था, लेकिन बीजेपी में शामिल होने और सांसद बनने के बाद अब उनका नाम नहीं लिया जा रहा।
यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं को राहत मिल जाती है। हालांकि, इस संबंध में भी संबंधित पक्ष का जवाब और अदालत का अंतिम निष्कर्ष महत्वपूर्ण होगा।
EOW की चार्जशीट में क्या दावा?
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित कोल लेवी सिंडिकेट के जरिए करीब 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई। एजेंसी का दावा है कि इसमें से करीब 65 करोड़ रुपये नेताओं और 36 करोड़ रुपये अधिकारियों तक पहुंचे।
जांच में करीब 170 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्तियों की जब्ती का भी दावा किया गया है।
एजेंसी के मुताबिक, जांच में ऐसे आरोप सामने आए हैं कि कथित तौर पर इस रकम का इस्तेमाल प्रॉपर्टी खरीदने, ज्वेलरी लेने और चुनावी गतिविधियों में किया गया।
देवेंद्र यादव पर क्या आरोप?
जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को कथित तौर पर 11 बार में करीब 3 करोड़ रुपये मिले। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ उपचुनाव और उत्तर प्रदेश चुनाव में किया गया।
जांच में देवेंद्र यादव और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के बीच कथित WhatsApp बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने इन बातचीत को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है।
हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में अंतिम रूप से साबित नहीं हुए हैं।
चंद्रदेव राय पर 46 लाख लेने का आरोप
पूर्व विधायक चंद्रदेव राय पर जांच एजेंसी ने कथित तौर पर सूर्यकांत तिवारी से 46 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।
एजेंसी के मुताबिक, इसमें से करीब 42 लाख रुपये उत्तर प्रदेश चुनाव में खर्च किए गए, जबकि लगभग 4 लाख रुपये से रायपुर की एक ज्वेलरी दुकान से उनकी पत्नी के लिए सोने का हार खरीदा गया।
जांच एजेंसी ने इस संबंध में कथित WhatsApp बातचीत और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
विनोद तिवारी पर भी गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता विनोद तिवारी पर जांच एजेंसी ने कोल लेवी सिंडिकेट से कथित तौर पर 19 किश्तों में 1.87 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है।
एजेंसी के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर खैरागढ़ चुनाव और प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया। विनोद तिवारी और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई कथित बातचीत को भी जांच में शामिल किया गया है।
वहीं कांग्रेस नेता आरपी सिंह पर करीब 2.01 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। जांच के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने इस रकम का इस्तेमाल पार्टी के लिए गाड़ियों और मीडिया व्यवस्था में किए जाने की जानकारी दी थी।
आखिर कोल लेवी का पैसा आता कहां से था?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित सिंडिकेट कोयला ट्रांसपोर्टरों और कोल वाशरी संचालकों से अवैध लेवी वसूलता था।
आरोप है कि कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपये प्रति टन और वाशरी से कोयला निकलने पर अतिरिक्त 25 रुपये प्रति टन ट्रांसपोर्टिंग शुल्क लिया जाता था।
एजेंसी के अनुसार, इस रकम की वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ समेत अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था बनाई गई थी। कथित तौर पर वसूली की रकम बाद में तय हिस्सेदारी के अनुसार नेताओं और अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी।
सूर्यकांत तिवारी की भूमिका पर भी जांच
जांच एजेंसियों ने कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को कथित कोल लेवी सिंडिकेट का प्रमुख चेहरा बताया है। आरोप है कि उनके कर्मचारियों के जरिए वसूली की रकम अलग-अलग लोगों तक पहुंचाई जाती थी।
जांच में निखिल चंद्राकर की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है, जिस पर कथित तौर पर रकम पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।
36 लोगों के खिलाफ FIR का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें पूर्व मंत्री, विधायक, अधिकारी और कारोबारी समेत कई नाम शामिल हैं।
मामले की जांच के दौरान IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर अधिकारियों और राजनीतिक लोगों के बीच संपर्क और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की है।
अब कोर्ट में पेश होगा अंतिम आरोप पत्र
अब सभी की नजरें रायपुर की स्पेशल कोर्ट में होने वाली कार्यवाही पर हैं। EOW द्वारा अंतिम आरोप पत्र पेश किए जाने के बाद मामले में जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज, कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूत अदालत के सामने रखे जाएंगे।
फिलहाल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच एजेंसियों के दावे हैं। इन आरोपों की न्यायिक जांच और अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

देवेंद्र यादव ने कोर्ट के बाहर मीडिया से चर्चा की।

कोल लेवी घोटाला मामले में आरोपी कांग्रेसी नेता कोर्ट पहुंचे।

पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी कोर्ट पहुंचे।