मुंबई। लगातार दो कारोबारी सत्रों की राहत के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में 453.35 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 72,614.46 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 164.90 अंक फिसलकर 22,611.20 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान ज्यादातर प्रमुख शेयरों में दबाव देखने को मिला। निवेशकों का ध्यान अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर केंद्रित है। ब्याज दरों को लेकर बाजार में अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं, जिसके चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।
Titan और Adani Enterprises के शेयरों में 3% तक गिरावट
शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। Titan और Adani Enterprises के शेयर करीब 3 प्रतिशत तक नीचे चले गए।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। यानी तेजी दर्ज करने वाले शेयरों की तुलना में गिरावट वाले शेयरों की संख्या अधिक रही। यह संकेत बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली के दबाव की ओर इशारा करता है।
ऑटो, मेटल और FMCG समेत कई सेक्टर लाल निशान में
सेक्टरवार कारोबार पर नजर डालें तो अधिकांश प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और FMCG शेयरों में खासा दबाव रहा।
इसके अलावा IT, पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, गिरते बाजार के बीच मीडिया इंडेक्स बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख सेक्टरों में रहा। फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर मजबूती दिखाई दी।
RBI MPC के फैसले से तय होगी बाजार की अगली दिशा
फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी नजर RBI की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर है। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा हुआ है।
RBI का फैसला बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और कंज्यूमर सेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि निवेशक न केवल MPC के फैसले बल्कि केंद्रीय बैंक की आगे की मौद्रिक नीति के संकेतों पर भी नजर रख रहे हैं।
वैश्विक बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत
भारतीय बाजार के अलावा बुधवार को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। टोक्यो समयानुसार सुबह 11:56 बजे S&P 500 फ्यूचर्स और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग स्थिर रहे।
दूसरी ओर, Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.7 प्रतिशत और TOPIX में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। हांगकांग का Hang Seng और Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स भी करीब 0.7 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए।
RBI के फैसले पर टिकी बाजार की निगाह
दो दिनों की तेजी के बाद बुधवार को बाजार में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती कारोबार में व्यापक बिकवाली के बीच अब आगे की दिशा काफी हद तक RBI के मौद्रिक नीति फैसले और उसके बाद केंद्रीय बैंक के रुख पर निर्भर करेगी।
निवेशक यह देखना चाहेंगे कि ब्याज दरों को लेकर RBI का क्या फैसला रहता है और आने वाले समय के लिए केंद्रीय बैंक क्या संकेत देता है। इसके साथ ही वैश्विक बाजारों के रुझान का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर बना रहेगा।