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Apple ने कर्मचारियों के AI इस्तेमाल पर लगाई खर्च की लगाम, डेली बजट 300 से घटाकर 200 डॉलर किया

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाने के बीच Apple अब इस तकनीक पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने में जुट गई है। कंपनी ने कुछ इंजीनियर्स के लिए AI टूल्स इस्तेमाल करने की दैनिक खर्च सीमा 300 डॉलर से घटाकर 200 डॉलर कर दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ इंजीनियरिंग टीमों के लिए यह बजट घटाकर 100 डॉलर प्रतिदिन तक किया जा सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि Apple एक ओर अपने कर्मचारियों को रोजमर्रा के काम में AI का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर AI सेवाओं पर होने वाले खर्च की निगरानी भी सख्त कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग के अलावा दूसरे विभागों में भी AI बजट कम करने पर विचार किया जा रहा है।

इंजीनियर्स के AI बजट में कितनी हुई कटौती?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने पिछले महीने कुछ इंजीनियर्स की AI टूल्स पर खर्च करने की दैनिक सीमा में बदलाव किया था। पहले इन कर्मचारियों को प्रतिदिन 300 डॉलर तक खर्च करने की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर 200 डॉलर कर दिया गया है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी कुछ इंजीनियरिंग टीमों के लिए इस सीमा को और कम करने पर विचार कर रही है। ऐसे कर्मचारियों का डेली AI बजट 100 डॉलर तक किया जा सकता है।

इसके अलावा, दूसरे विभागों की कुछ टीमों के लिए भी खर्च की सीमा घटाने की योजना पर विचार हुआ है। इन टीमों का बजट 100 डॉलर से घटाकर 25 डॉलर प्रतिदिन तक किया जा सकता है। हालांकि, जिन कर्मचारियों को अपने काम के लिए अधिक AI बजट की जरूरत होगी, वे वरिष्ठ अधिकारियों से विशेष अनुमति मांग सकेंगे।

Claude, ChatGPT और Gemini का इस्तेमाल करते हैं कर्मचारी

Apple अपने कर्मचारियों को कई लोकप्रिय थर्ड-पार्टी AI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की सुविधा देती है। इनमें Anthropic का Claude, OpenAI का ChatGPT और Google का Gemini शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कुछ टीमों को कम कीमत वाले AI मॉडल इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों को ऐसे AI मॉडल अपनाने की सलाह दी जा रही है, जिन्हें सीधे डिवाइस पर चलाया जा सकता है।

इस रणनीति से कंपनी को बाहरी AI सेवाओं पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर उन विभागों में इसका फायदा हो सकता है, जहां कर्मचारी रोजाना बड़ी मात्रा में AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

AI टूल्स का खर्च कैसे तय होता है?

अधिकांश AI कंपनियां अपनी सेवाओं के लिए टोकन आधारित शुल्क लेती हैं। टोकन टेक्स्ट और अन्य डेटा की छोटी-छोटी इकाइयां होती हैं, जिन्हें AI मॉडल किसी सवाल को समझने और उसका जवाब तैयार करने के दौरान प्रोसेस करते हैं।

किसी AI मॉडल को जितना अधिक डेटा प्रोसेस करना पड़ता है, उसका खर्च भी उतना बढ़ सकता है। आमतौर पर एडवांस और ज्यादा क्षमता वाले AI मॉडल की सेवाएं सामान्य मॉडल के मुकाबले महंगी होती हैं।

इसी वजह से Apple कर्मचारियों को कम खर्च वाले AI मॉडल इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कंपनी की कोशिश है कि कर्मचारियों का AI इस्तेमाल जारी रहे, लेकिन इसके लिए होने वाला खर्च निर्धारित सीमा में रहे।

बजट कटौती पर कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Apple के कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि पहले दिया जा रहा 300 डॉलर का दैनिक बजट जरूरत से ज्यादा था। उनका कहना है कि कई कर्मचारी इस पूरी रकम का इस्तेमाल भी नहीं कर पाते थे।

वहीं, कुछ कर्मचारी इसे कंपनी की व्यापक लागत कटौती (Cost Cutting) रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। इससे संभावित छंटनी और संगठनात्मक बदलावों को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चिंताएं बढ़ी हैं।

AI बजट घटाने के बीच Apple का R&D खर्च बढ़ा

AI टूल्स पर कर्मचारियों का बजट कम करने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब Apple का रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) खर्च बढ़ रहा है।

कंपनी ने अपनी FY 2026 की अर्निंग्स कॉल के दौरान बताया था कि रिसर्च और डेवलपमेंट पर उसका खर्च 32 प्रतिशत बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और AI से जुड़ी लागत में बढ़ोतरी इसके प्रमुख कारणों में शामिल है।

इससे संकेत मिलता है कि Apple AI को अपने भविष्य और कामकाज का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में निवेश कर रही है। हालांकि, कंपनी अब इस तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने के साथ-साथ उस पर होने वाले खर्च को भी नियंत्रित करना चाहती है।

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