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लॉटरी किंग ने डीएमके पर लुटाया जमकर चंदा, खरीदे थे 509 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड…

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बीते पांच साल में इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों को बसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने 509 करोड़ का चंदा अकेले डीएमके पार्टी को दिया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके को इलेक्टोरल बॉन्ड से कुल 665 करोड़ रुपये का चंदा मिला है जिसमें ज्यादा  बड़ा हिस्सा फ्यूचर गेमिंग से ही मिला है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसबीाई ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा डेटा चुनाव आयोग को सौंपा और चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर सारी जानकारी सार्वजनिक की।

वहीं कोर्ट के निर्देश के बाद राजनीतिक दलों ने सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग को जानकारी दी कि किस कंपनी ने इलेक्टोरल बॉन्ड से कितना चंदा दिया है। 

जानकारी के मुताबिक डीएमके को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए कुल 656.5 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसमें से 77 फीसदी चंदा फ्यूचर गेमिंग की तरफ से ही मिला है जिसके ओनर सैंटियागो मार्टिन लॉटरी किंग के तौर पर मशहूर हैं। फ्यूचर गेमिंग ने यह चंदा 2019-20 और 2022-23 के बीच दिया है। 

इस दौरान डीएमके को चंदा देने वालों में मेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर (105 करोड़), इंडिया सीमेंट (14 करोड़), सन टीवी नेटवर्क (10 करोड़), त्रिवेणी (8 करोड़) और रामकोसीमेंट (5 करोड़) शामिल हैं।

इस तरह कुल मिलाकर इलेक्टोरल बॉन्ड से 656.5 करोड़ रुपये का चंदा मिला। चुनाव आयोग को जानकारी देते हुए डीएमके ने कहा था कि इस स्कीम के तहत चंदा देने वाले का नाम बताना जरूरी नहीं किया गया था। हालांकि कंपनियों ने जब बॉन्ड दिए तो उन्होंने भी जानकारी देने को लेकर कोई शर्त नहीं रखी थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जब दानदाताओं से संपर्क किया गया तो उन्होंने मदद की और पूरी जानकारी दे दी। 

डीएमके के अलावा  जेडीएस, महाराष्ट्र गोमंतक पार्टी, ने भी अपनी जानकारी चुनाव आयोग को दी है। जीडीएस को कुल 89.7 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉऩ्ड से मिले।

 इसमें सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी में मेघा इंजीनियरिंग शामिल है। इसके अलावा एँबैसी ग्रुप, जेएसडब्लू स्टील और इन्फोसिस ने भी चंदा दिया है। AIADMK ने बताया है कि उसे 2019 में आईपीएल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से 5 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।

इसके अलावा लक्ष्मी मशीन वर्क्स से एक करोड़, टीवीएस कैपिटल फंड्स से 5 लाख का इलेक्टोरल बॉन्ड मिला था। 

वहीं सपा और जेडीयू ने 10 करोड़ के चंदे को लेकर कहा है कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि कौन दे गया। पार्टियों ने बताया कि यह इलेक्टोरल बॉन्ड सीलबंद लिफाफे में उनके ऑफिस में मिला था।

जेडीयू ने बताया है कि भारती एटरटेल औऱ श्री सीमेंट लिमिटेड ने 1 और 2 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड दिया है। सपा का कहना है कि 10 करोड़ के बॉन्ड बिना जानकारी के उनके ऑफिस में पोस्ट से भेज दिया गया था। 

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