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महादेव सट्टा : आरोपियों की रिमांड के बाद अब सफेदपोश नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी..!

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महादेव सट्टा ऐप मामले में EOW की हिरासत में चल रहे 5 आरोपियों को मंगलवार को ACB स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिसमें रितेश यादव, राहुल वेकट, सतीश चंद्राकर, चन्द्र भूषण वर्मा और सुनील दम्मानी शामिल है। इस मामले की लगातार जांच जारी है।

दरअसल, EOW की टीम ने राहुल केवट को दिल्ली और रितेश को गोवा से गिरफ्तार किया था। तीन आरोपी सुनील दम्मानी, सतीश चंद्राकर और चंद्र भूषण वर्मा को भी रिमांड में रखकर पूछताछ की है।

पूछताछ के लिए फिर रिमांड पर लिया जाएगा

EOW ने हिरासत में रखे सभी को आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। इस दौरान रितेश ने चंद्रभूषण पर आरोप लगाया है कि वह उन्हीं के लिए काम करता है। उनके कहने पर पैसों का कलेक्शन करता और उनके बताई जगह पर छोड़ता था।

राहुल हवाला का काम करता था। राहुल और रितेश ने चंद्रभूषण और सतीश पर आरोप लगाया है कि दोनों ही पैसों के सिस्टम को मैनेज करते थे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के पास पैसा पहुंचाते थे। सतीश कई पुलिस वालों के साथ घूमता था। दोनों मिलकर ट्रांसफर-पोस्टिंग भी करा रहे थे। दोनों का प्रमोटर सौरभ, रवि और शुभम से सीधा कनेक्शन है।

दुबई जाने वालों की सूची बना रही EOW

ईओडब्ल्यू प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की शादी और उसके हर साल सेलिब्रेशन पार्टी में शामिल होने के लिए विदेश जाने वालों की सूची बना रही है। जिनसे ईडी ने पूछताछ की है। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जो ईडी के जांच के दायरे में नहीं आए हैं। ऐसे लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें कई बड़े कारोबारी, स्कूल-कॉलेज संचालक से लेकर अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

चन्द्रभूषण वर्मा पर यह आरोप

निलंबित ASI चंद्रभूषण वर्मा पर आरोप है कि ड्यूटी के दौरान महादेव ऐप के प्रोटेक्शन मनी को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को बांटता था। कमिशन का एक हिस्सा अपने पास भी रखता था। ASI चंद्रभूषण वर्मा पुलिस में बहुत बड़े पोस्ट में नहीं था, लेकिन ताकतवर लोगों के संपर्क में था।

द्रभूषण हर महीने बड़ी रकम रिश्वत में ले रहा था और भुगतान भी कर रहा था। साथ ही वर्मा ने यह भी स्वीकार किया है कि मई 2022 में पुलिस की कुछ कार्रवाई के बाद रिश्वत की रकम भी बढ़ाई गई थी।

सुनील दम्मानी और सतीश चन्द्राकर पर यह आरोप

सतीश चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटर्स की जेब से आने वाले पैसों को संभाल रहा था। महादेव ऑनलाइन बुक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए इसे अधिकारियों तक रुपए पहुंचाता था। सुनील कुमार दम्मानी और उसका भाई अनिल दम्मानी हवाला ऑपरेटर हैं। दोनों भाई बड़े पैमाने पर पैसों को हवाला के जरिए इधर से उधर करने की सुविधा देते थे।

19 लोगों पर नामजद FIR

एंटी करप्शन ब्यूरो और EOW ने ED के प्रतिवेदन पर 4 अप्रैल 2024 को महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में 19 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज किया है। जिमसें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई कारोबारी के नाम है।

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