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छत्तीसगढ़ में यात्री बस से सागौन की तस्करी : फॉरेस्ट अफसरों ने दंतेवाड़ा में बरामद किया; ड्राइवर बोला-ये भैरमगढ़ SDOP का सामान, पुलिसवालों ने चढ़ाया था…!!

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दंतेवाड़ा जिले में एक यात्री बस से वन विभाग की टीम ने बेशकीमती सागौन की लकड़ी जब्त की है। इसमें कुछ चिरान हैं तो कुछ दरवाजे, खिड़की समेत दूसरे फर्नीचर हैं। लकड़ी का यह सामान बीजापुर जिले के भैरमगढ़ से रात के समय चलने वाली मनीष ट्रेवल्स की यात्री बस में रखा गया था, जिसे धमतरी या रायपुर के किसी ठिकाने पर उतारने की तैयारी थी। मुखबिर से मिली सूचना पर फॉरेस्ट टीम ने गीदम बस स्टैंड में सारा सामान जब्त कर लिया है। हालांकि, यात्रियों को परेशानी न हो, इसलिए रात में ही बस को जाने दिया गया। गीदम रेंजर दया दीन वर्मा और डिप्टी रेंजर के राजू ने बताया कि ड्राइवर से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह सामान भैरमगढ़ SDOP का है। थाने के स्टाफ ने ही बस में सामान लोड कराया था।

विस्तार से जानिए कब क्या हुआ?

तारीख- 6 अगस्त 2024
समय: रात 10.45 बजे- बीजापुर से दंतेवाड़ा जिले के गीदम के रास्ते रायपुर-दुर्ग चलने वाली मनीष ट्रेवल्स की बस CG 07-CR 9016 गीदम बस स्टैंड पहुंची। इसमें यात्री बैठ रहे थे।

समय: रात 10:59 बजे- गीदम वन विभाग के 2 कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बस को रवाना होने से रोका। बस की डिक्की चेक की गई। कुछ देर बाद तीसरा कर्मचारी भी मौके पर पहुंचा। सभी ने बस की डिक्की की तलाशी ली। सामान के नीचे जूट की बोरियों से लपेटी हुई बेशकीमती सागौन की लकड़ियां पाई गईं।

समय: 11.14 बजे- डिक्की में अंदर की तरफ जूट की बोरियों से ढका सागौन चिरान बरामद किया गया। फिर बगल की डिक्की भी चेक की गई। जिसमें कुछ नहीं मिला।

समय: 11.30 बजे- वन विभाग को मुखबिर से पता चला कि बस के ऊपर भी बेशकीमती लकड़ियां रखी हुई हैं। वन विभाग का एक कर्मचारी बस के ऊपर चढ़ा और जूट की बोरियों से ढके 2 दरवाजे बरामद किए गए।

समय- रात 12.01 बजे- गीदम वन परिक्षेत्र के रेंजर और डिप्टी रेंजर भी मौके पर पहुंचे। बस के ड्राइवर से बातचीत की। शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि यह सामान भैरमगढ़ थाने के पास से बस में लोड हुआ है। लोड थाना स्टाफ ने करवाया है। मुझे बताया गया कि सामान SDOP का है। चेकिंग के दौरान छोटा-बड़ा सामान मिलाकर कुल 32 नग बरामद किए गए हैं।

समय- रात 12.12 बजे- बस काफी देर से खड़ी थी लिहाजा, यात्री परेशान हो रहे थे। किसी की सुबह रायपुर से ट्रेन थी। किसी की फ्लाइट थी। कुछ पैसेंजर मेडिकल के काम से जा रहे थे। इनकी परेशानियों को देखकर फॉरेस्ट की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में ड्राइवर का आधार कार्ड, नाम, पता नोट कर उसे जाने दिया। हालांकि, उसे यात्रियों को छोड़कर बस के साथ पेश होने कहा गया है।

समय- 12.14 बजे- वन विभाग ने एक पिकअप वाहन CG 18 P 6386 में चिरान लोड कराया। पिकअप के जरिए बरामद चिरान को फॉरेस्ट डिपो लेकर गए। जांच में कुल 0.145 घनमीटर चिरान पाया गया है।

रेंजर बोले- नहीं थे कोई वैध दस्तावेज
गीदम रेंजर दया दीन वर्मा ने कहा कि, हमें मुखबिर से जानकारी मिली थी। हमने कार्रवाई की। फिलहाल बस से जो लकड़ियां और फर्नीचर बरामद हुआ है, उसका कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला है। नियम है कि कोई लीगल सामान लेकर जाता है तो उसके साथ उसके वैध दस्तावेज होने चाहिए। यह तस्करी थी, जिस पर कार्रवाई की गई है।

तस्करी में पुलिस अफसर शामिल
फॉरेस्ट अफसरों के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि यह तस्करी कोई आम आदमी नहीं बल्कि पुलिस विभाग का ही एक अफसर कर रहा था। शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी।

जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो भीड़से निकले एक शख्स ने नाम न बताने की शर्त पर कहा- उधर चर्चा चल रही है। ये लोग यानी हम पत्रकार बेवजह खबर बना रहे हैं। अभी मामला रफा-दफा होने दो, इन्हें हम बाद में बताएंगे।

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