रेलगाड़ियों में लगी स्नैक्स ट्रे टूटन का जिम्मेदार छोटे बच्चों और उन्हें वहां बैठने की अनुमति देने वाले यात्रियों को बताया है। उन्होंने इससे जुड़ी एक तस्वीर भी साझा की है।
सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार का मजा यात्री ले रहे हैं। हालांकि, ऐसी ही यात्राओं के बीच अनजाने में वह रेल संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे हैं। अब हाल ही में सोशल मीडिया पर भी छोटे बच्चों की तस्वीज जारी कर नाराजगी जाहिर की गई है। खबर है कि आपत्ति जताने वाले शख्स रेलवे के बड़े अधिकारी हैं। उन्होंने वंदे भारत समेत अन्य रेलगाड़ियों में होने वाले नुकसान की वजह बन रहीं गलतियों पर भी बात की है।
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अनंत रूपनगुड़ी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। सोशल प्रोफाइल के अनुसार, वह IRAS अधिकारी हैं और फिलहाल चेन्नई में ADRM पद पर हैं। ‘X’ पर उनके 13 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उन्होंने रेलगाड़ियों में लगी स्नैक्स ट्रे टूटन का जिम्मेदार छोटे बच्चों और उन्हें वहां बैठने की अनुमति देने वाले यात्रियों को बताया है। उन्होंने इससे जुड़ी एक तस्वीर भी साझा की है।
उन्होंने लिखा, ‘वंदे भारत और अन्य ट्रेनों में स्नैक्स ट्रे टूटने या टूटी हुई ट्रेन होने की बड़ी वजहों में एक यह भी शामिल है। फोटो सबूत साझा करने के बाद में रोने वाले कहेंगे कि मैं सिर्फ यात्रियों को ही जिम्मेदार बता रहा हूं।’ इस पोस्ट पर उन्हें कई यूजर्स का समर्थन मिल रहा है। सुझाव दिए जा रहे हैं कि ट्रेन में दो साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए अलग से सीट होनी चाहिए।
ये सुझाव भी
एक यूजर ने लिखा, ‘मैं तो यह सुझाव दूंगा कि वंदे भारत के अगले वर्जन में टेबल ट्रे ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों की सीट की तरह काम करें।’ एक यूजर ने लिखा, ‘ऐसी बर्ताव पर हम प्रतिबंध या जुर्माना क्यों नहीं लगा सकते? हाल ही में मैं 2 एसी में गया, वहां पैर रखने का भी मन नहीं हुआ। गंदा था। स्वभाविक सी बात है कि पुराने यात्रियों ने कुछ भी फेंक दिया होगा।’ उन्होंने कड़े कानून का भी सुझाव दिया।