दिल्ली पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई सहित कई गैंगस्टरों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के बाहरी इलाकों, द्वारका, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, नरेला, कंझावला और संगम विहार में पुलिस ने छापेमारी की। इस ऑपरेशन में स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और लोकल थानों की पुलिस ने भाग लिया।
सूत्रों के मुताबिक, इस छापेमारी में लॉरेंस बिश्नोई, कौशल चौधरी, हिमांशु भाऊ, काला जठेड़ी, हाशिम बाबा, छेनू, गोगी, नीरज बवानिया और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सदस्यों के ठिकानों पर छापे मारे गए। कुछ बदमाशों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म पंजाब के फिरोजपुर में हुआ था। उन्होंने अबोहर से 12वीं तक पढ़ाई की और फिर डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से आगे की पढ़ाई की। यहीं पर उनकी दोस्ती गोल्डी बराड़ से हुई, जिसके बाद वे अपराध की दुनिया में आ गए। स्टूडेंट पॉलिटिक्स के दौरान दोनों के दूसरे गुटों से टकराव ने उन्हें इस राह पर धकेला।
बिश्नोई ने जेल में रहते हुए अपने गैंग का विस्तार किया। जेल के अंदर उसने कई गैंगस्टरों से संपर्क साधा और हथियार डीलरों से रिश्ते बनाए। अब उसका गैंग दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सक्रिय है और मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और सुपारी किलिंग जैसे संगठित अपराधों में लिप्त है।