भिलाई के कैम्प 2 के बैकुंठ धाम इलाके में शुक्रवार को एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। शाम करीब 6 बजे महादेव कैटरिंग नाम की एक दुकान में आग लग गई। यह आग एक गैस सिलेंडर फटने के कारण और भड़क गई। देखते ही देखते दुकान में रखे कुल 10 सिलेंडरों में से 6 सिलेंडर फट गए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य शुरू किया और आग पर काबू पाया।
कैसे हुआ हादसा?
महादेव कैटर्स के मालिक गौरव केसरवानी ने बताया कि दुकान में उस समय काम चल रहा था। अचानक एक सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग फैल गई। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
जैसे ही आग की सूचना मिली, दमकल विभाग ने तुरंत अपनी टीम मौके पर भेजी। आग इतनी भीषण थी कि एक के बाद एक 6 सिलेंडरों में धमाके हुए। धमाकों की आवाज से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।
10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
गौरव केसरवानी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली से कैटरिंग का सामान मंगवाया था। इस सामान की कीमत 10 लाख रुपये से ज्यादा थी, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। दुकान के अंदर रखे बाकी 4 सिलेंडर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
दमकल विभाग ने कैसे संभाला हालात?
जब आग की सूचना मिली, तो दमकल विभाग की एक गाड़ी तुरंत मौके पर भेजी गई। लेकिन जब पता चला कि एक के बाद एक सिलेंडरों में धमाके हो रहे हैं, तो तीन और दमकल गाड़ियां बुलाई गईं।
दमकल कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुकान के अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और सिलेंडर ब्लास्ट की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पक्की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
इलाके में दहशत का माहौल
धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने दुकान के पास जमा होकर घटना को देखा। कई लोग राहत की बात कह रहे थे कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
राहत और बचाव कार्य का विवरण
- दमकल विभाग का त्वरित रेस्पॉन्स:
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तेजी से कार्रवाई की। शुरुआत में एक गाड़ी भेजी गई, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए तीन और गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। - सुरक्षित निकाले गए लोग:
दुकान में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल कर्मियों ने अपनी सूझबूझ से चार सिलेंडरों को भी समय रहते बाहर निकाल दिया। - स्थानीय लोगों का सहयोग:
घटना के समय आसपास के लोगों ने भी दमकल कर्मियों की मदद की। उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए पानी डालने और दुकान के बाहर भीड़ को हटाने में सहयोग किया।
सावधानियां और सुझाव
इस घटना ने सिलेंडर और कैटरिंग से जुड़े व्यवसायों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- सिलेंडर का सही रखरखाव:
कैटरिंग व्यवसाय में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की नियमित जांच और सही तरीके से स्टोरेज जरूरी है। - इलेक्ट्रिक फिटिंग्स की जांच:
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं आम हैं। दुकान की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराना जरूरी है। - फायर सेफ्टी उपकरण:
हर दुकान में आग बुझाने के उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर और रेत का इंतजाम होना चाहिए। - आपातकालीन निकास:
दुकान या कार्यस्थल में ऐसे रास्ते होने चाहिए, जहां से लोग तुरंत बाहर निकल सकें। - कर्मचारियों की ट्रेनिंग:
आग लगने की स्थिति में क्या करना है, इसके लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
भिलाई की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सुरक्षा उपायों में लापरवाही बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। गनीमत है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। लेकिन ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह कैटरिंग और गैस सिलेंडर से जुड़े व्यवसायों में सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।