छत्तीसगढ़ से छिनी 39वें नेशनल गेम्स की मेजबानी:अब मेघालय कराएगा, नेशनल गेम्स के समापन पर मेघालय को सौंपेंगे फ्लैग…!!

Spread the love

छत्तीसगढ़ में नेशनल गेम्स 2027 की आस लगाए बैठे लोगों के लिए बुरी खबर है। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने छत्तीसगढ़ से 37वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी छीन ली है। छत्तीसगढ़ की जगह अब मेघालय में 2027 में 39वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन होगा। मंगलवार को मेघालय ओलिंपिक एसोसिएशन ने आईओए से जारी लेटर को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर मेजबानी की बात को स्वीकार किया है।

इसके अलावा आईओए के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है। जबकि उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़ को मेजबानी मिलना तय था। 14 फरवरी को उत्तराखंड नेशनल गेम्स के समापन के मौके पर मेघालय को फ्लैग दे दिया जाएगा।

2010 में मिलनी थी 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी, अब 39वां भी नहीं मिला बता दें कि छत्तीसगढ़ को 2010 में आईओए ने 37वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी दी थी। इसे लेकर आईओए की एक टीम ने छत्तीसगढ़ का दौरा कर वर्तमान खेल अधोसंरचना की जांच की। आईओए की इस रिपोर्ट में नेशनल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को सिर्फ 30 फीसद तैयार बताया था।

जिसके बाद आईओए ने छत्तीसगढ़ से मेजबानी छिन गुजरात को दे दी। वहीं, 2027 में होने वाले 39वें नेशनल गेम्स के पहले खेल सचिव हिमशिखर गुप्ता ने मीडिया से चर्चा में बताया था, कि मेजबानी मिलना तय है। जिसकी तैयारी हम जोरशोर से कर रहे हैं।

खेल गांव बनाने की तैयारी में विभाग राज्य सरकार को मेजबानी मिलना का पूर्ण विश्वास था। जिसके लिए राजधानी के नया रायपुर में लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से खेल गांव बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें 13 अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है। लेकिन मेजबानी छिन जाने की खबर के बाद अब इस काम में भी सुस्ती देखने को मिल सकती है।

2.5 करोड़ IOA के पास जमा

2010 में छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ ने आईओए को 2.5 करोड़ रुपए रॉयल्टी मनी के तौर पर दिए ताकि हम पहले 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी कर सकें। लेकिन इसके बाद भी गोवा, गुजरात और उत्तराखंड को मेजबानी मिली। जबकि छत्तीसगढ़ 15 सालों से केवल प्रयास ही कर रहा है। बता दें कि मेजबानी की उम्मीद पर नया रायपुर में लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से खेल गांव बनाने की तैयारी चल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *