“छत्तीसगढ़ में चुनावी हिंसा, बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, दोनों पक्ष थाने पहुंचे”

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मुख्य बिंदु:

  1. मारपीट का वीडियो वायरल: छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई।

  2. पुलिस के सामने झड़प: पुलिस की मौजूदगी में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को लात-घूंसे से पीटा, जिससे कई लोग घायल हो गए।

  3. विवाद का कारण: चुनाव कार्यालय के अंदर जनपद सदस्यों को प्रवेश देने को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तकरार हुई।

  4. चुनाव परिणाम: कांग्रेस ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत हासिल की।

  5. पुलिस कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई।


विस्तार से जानकारी:

छत्तीसगढ़ के बरमकेला में चुनावी हिंसा
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान एक गंभीर हिंसा हुई। बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का मामला पुलिस के सामने आया, और इस दौरान लात-घूंसे से मारपीट की गई। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और इसने चुनावी माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।

घटना दोपहर करीब 12 बजे की है, जब दोनों पार्टी के कार्यकर्ता निर्वाचन कार्यालय के बाहर खड़े थे। बीजेपी के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही थी और उनके जनपद सदस्य कार्यालय के अंदर जाने में रोके जा रहे थे। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी आरोप लगाया कि बीजेपी के समर्थक जनपद सदस्यों को ही ज्यादा महत्व दिया जा रहा था। यह आरोप-प्रत्यारोप दोनों दलों के बीच बहस का कारण बने, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई।

मारपीट और झड़प के दौरान घायल हुए लोग
मारपीट के दौरान चार से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में बल तैनात किया। पुलिस का प्रयास था कि चुनावी स्थल पर शांति बनी रहे, लेकिन दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच गहमा-गहमी बढ़ गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें कार्यकर्ता एक-दूसरे को लात-घूंसे मारते हुए नजर आ रहे हैं।

चुनाव परिणाम
विवाद के बावजूद, चुनाव प्रक्रिया जारी रही और अंततः कांग्रेस ने दोनों महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल की। बरमकेला जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. विद्या किशोर निराला ने 13 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी की दीपमाला जांगड़े को 12 वोट मिले। इसके बाद, उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के ओंकार पटेल ने 13 वोटों से जीत हासिल की, जबकि बीजेपी की दीपमाला जांगड़े को फिर से 12 वोट मिले। इस प्रकार, कांग्रेस ने दोनों पदों पर एक-एक वोट से जीत हासिल की।

चुनाव परिणाम के बाद विवाद जारी
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव कम नहीं हुआ। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए बरमकेला थाने पहुंच गए। उन्होंने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज किया और तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्थिति और खराब न हो, बरमकेला में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक और हिंसक घटना का उल्लेख
इसके साथ ही, बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र में एक और हिंसक घटना की जानकारी सामने आई है। ग्राम अलीकुद तालगांव में हुए खूनी संघर्ष में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह संघर्ष दो पक्षों के बीच हुआ, जिसमें लाठी, डंडे और टंगिया का इस्तेमाल किया गया। इस संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की।

निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में चुनावी विवाद और हिंसा की घटनाएं राज्य में चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही हैं। बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और मारपीट की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी रंजिशें कभी-कभी हिंसा का रूप भी धारण कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन को इन घटनाओं से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा और सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न घटित हों।

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