15 साल बाद बीजेपी की एमआईसी:मीनल की एमआईसी में सबसे ज्यादा 5 सदस्य मूणत के विधानसभा क्षेत्र से, उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण से 3-3 पार्षदों को दिया पद

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नगर निगम के महापौर परिषद का गठन सोमवार को हो गया। महापौर मीनल चौबे ने दोपहर 12 बजे 14 एमआईसी सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की। सबसे ज्यादा 5 एमआईसी सदस्य रायपुर पश्चिम विधानसभा से लिए गए हैं। उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा से तीन-तीन पार्षदों को महापौर परिषद में जगह मिली है। मीनल की टीम में चारों विधायकों और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पसंद का ख्याल रखा गया है।

रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत अपने विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा सदस्यों को एमआईसी में लाने में सफल रहे। इसके पीछे कहा जा रहा है कि महापौर मीनल चौबे रायपुर दक्षिण विधानसभा से आती हैं। सभापति सूर्यकांत राठौर उत्तर विधानसभा से हैं। इसलिए बैलेंस करने के लिए रायपुर पश्चिम विधानसभा से ज्यादा पार्षदों को एमआईसी में मौका दिया गया है। जिन पार्षदों को एमआईसी में जगह नहीं मिल पाई है, उन्हें जोन अध्यक्ष बनाकर एडजस्ट किया जाएगा।

एमआईसी बनाने का मौका

15 साल यानी तीन कार्यकाल के बाद बीजेपी को एमआईसी गठन का मौका मिला है। पूर्व महापौर सुनील सोनी के कार्यकाल में भाजपा ने अपनी एमआईसी बनाई थी। इस दौरान उन्हीं की एमआईसी ने काम किया। 60 पार्षदों के साथ निगम में सत्ता हासिल करने वाली भाजपा ने टीम में नए-पुराने पार्षदों के साथ महिलाओं को बराबर मौका दिया है।

पांच महिला पार्षदों को मौका

पहली बार एमआईसी में पांच महिला पार्षदों को शामिल किया गया है। पेशे से गायनोकोलॉजिस्ट डा. अनामिका सिंह, संजना हियाल, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष पांडे की पत्नी सुमन पांडे, दो बार की पार्षद सरिता आकाश दुबे, पूर्व में जोन अध्यक्ष गायत्री चंद्राकर को टीम में लिया गया है। एमआईसी की करीब 36% जगह महिलाओं को मिली है।

महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी पश्चिम के एमआईसी सदस्यों को

एमआईसी में जहां पश्चिम विधानसभा के पार्षदों की संख्या ज्यादा है वहीं महत्वपूर्ण विभाग भी इन्हीं को सौंपे गए हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सभापति की दौड़ में रहे मनोज वर्मा को टाउन प्लानिंग विभाग दिया गया है। ये बेहद महत्वपूर्ण विभाग है। भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करना तथा कालोनियों के लेआउट को अंतिम मंजूरी नगर निगम के इसी विभाग से मिलती है। दो बार के पार्षद दीपक जायसवाल को लोक निर्माण विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। इसी तरह गायत्री सुनील चंद्राकर को स्वास्थ्य विभाग दिया गया है। शहर की सफाई जैसा महत्वपूर्ण काम भी इसी विभाग के अंतर्गत आता है। नगर निगम का लगभग सारा काम इन तीन महत्वपूर्ण विभागों के ईर्द-गिर्द चलता है।

इसके अलावा विद्युत और उद्यानिकी विभाग भी इसी विधानसभा से आने वाले पार्षदों को दिया गया है। पश्चिम के बाद रायपुर उत्तर विधानसभा के पार्षदों को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। पहली बार के पार्षद अवतार बागल को राजस्व विभाग दिया गया है। संपत्तिकर की वसूली, नगर निगम की दुकानों से मिलने वाले किराया और अन्य सभी तरह के टैक्स कलेक्शन इस विभाग से संबंधित हैं। पहली बार चुनकर आए महेंद्र खोडियार को वित्त लेखा व अंकेक्षण विभाग मिला है। संतोष कुमार साहू को जलकार्य विभाग दिया गया है। यह एेसा विभाग है, जो आम लोगों से सीधा जुड़ा है। गर्मी के दिनों में पानी की जरूरत और उसकी आपूर्ति यही विभाग संभालता है।

जल्द करेंगे जोन अध्यक्षों की नियुक्ति

एमआईसी सदस्यों की नियुक्ति में चारों विधानसभा से प्रतिनिधित्व दिया गया है। सभी विधायकों, रायपुर सांसद की पसंद तथा नए-पुराने पार्षदों के सामंजस्य से संतुलित टीम बनाने की कोशिश की गई है। जल्द ही जोन अध्यक्षों की भी नियुक्ति की जाएगी। मीनल चौबे, महापौर रायपुर नगर निगम

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