गांजा तस्करों से सांठगांठ के आरोप में आरक्षक सस्पेंड, SP का बड़ा एक्शन

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गांजा तस्करों से मिलीभगत के आरोपी आरक्षक पर कार्रवाई

दुर्ग।
गांजा तस्करों से मिलीभगत के आरोप में पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक विजय धुरंधर को सस्पेंड कर दिया गया है।

  • NDPS एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में आरोपियों को सहयोग देने का आरोप उस पर लगाया गया है।

  • दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है।

  • निलंबन अवधि में विजय धुरंधर को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।


कैसे हुआ खुलासा?

30 मार्च को पुरानी भिलाई पुलिस ने पुरैना बस्ती में 13 किलो गांजा के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया था।
जब आरोपियों से पूछताछ की गई और कॉल डिटेल्स खंगाली गईं, तो पता चला कि आरक्षक विजय धुरंधर उनके संपर्क में था।
संदेह इस बात का भी है कि उसने गिरफ्तारी से पहले आरोपियों को सूचना देकर अलर्ट करने की कोशिश की।
इस संदेह के आधार पर दुर्ग एसपी ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।


पहले भी हो चुकी है पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

20 दिन पहले ही दुर्ग एसपी ने गांजा तस्करी से जुड़े एक अन्य मामले में 2 प्रधान आरक्षकों और एक DSP पर कार्रवाई की थी।
ACC ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक शगीर अहमद खान और अजय गलोत को सस्पेंड किया गया था।
DSP क्राइम हेम प्रकाश नायक को भी इस प्रकरण के चलते उनके पद से हटा दिया गया था।
इन पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि इन्होंने गांजा तस्करों से लेन-देन कर उन्हें फायदा पहुंचाने की कोशिश की।


SP का एक्शन: पहले भी कई पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

11 मार्च: दुर्ग एसपी ने गांजा तस्करी में संलिप्त पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की।
3 पुलिसकर्मियों पर SP का एक्शन:

  • एक ASI संजय कुमार साहू को सस्पेंड किया गया।

  • ASI सुभाष चंद्र बोरकर और महिला आरक्षक नूतन साहू को लाइन अटैच किया गया।
    क्राइम ब्रांच के दो प्रधान आरक्षक और जामुल थाने के एक आरक्षक को भी गांजा तस्करों से मिलीभगत के चलते सस्पेंड किया गया।


गांजा तस्करों से गठजोड़ पर पुलिस की सख्ती

पुलिस महकमे में अनुशासन बनाए रखने और अपराधियों को सहयोग देने वालों पर नकेल कसने के लिए दुर्ग एसपी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

  • गांजा तस्करी जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर बगैर किसी रियायत के एक्शन लिया जा रहा है।

  • आरोपी पुलिसकर्मियों को न सिर्फ सस्पेंड किया जा रहा है, बल्कि उन्हें पुलिस लाइन अटैच कर निष्पक्ष जांच की जा रही है।


मुख्य बिंदु:

✅ गांजा तस्करों से सांठगांठ के आरोपी आरक्षक विजय धुरंधर को सस्पेंड किया गया।
✅ आरोपी पुलिसकर्मी कॉल डिटेल में तस्करों के संपर्क में पाया गया था।
✅ गिरफ्तारी से पहले तस्करों को अलर्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप।
✅ SP ने पूर्व में भी दो प्रधान आरक्षक और एक DSP पर कार्रवाई की थी।
✅ पुलिस महकमे में अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।


निष्कर्ष:

दुर्ग जिले में गांजा तस्करों को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई का दौर जारी है।

  • SP जितेंद्र शुक्ला का यह एक्शन यह दर्शाता है कि प्रशासन किसी भी सूरत में अपराधियों को फायदा पहुंचाने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है।

  • पुलिस विभाग के प्रति जनता का भरोसा कायम रखने के लिए ऐसे भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करना जरूरी कदम माना जा रहा है।

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