शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी का एक साल पूरा, रायपुर में सम्मान समारोह का आयोजन
छत्तीसगढ़ के रायपुर में शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी के एक वर्ष पूरे होने पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेमेतरा जिले के पांच शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
शिक्षकों के योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन
यह सम्मान समारोह शिक्षकों के समाज में योगदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
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शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और शिक्षकों के प्रयासों को पहचानने के लिए यह पहल की गई।
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मुख्य अतिथि: महापौर मीनल चौबे और डीईओ विजय कुमार खंडेलवाल इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
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नवाचारी शिक्षिका वर्षा जैन ने बताया कि अकादमी का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा, शिक्षा का विकास, बच्चों का समग्र विकास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
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इस अवसर पर बेमेतरा जिले के पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
बेमेतरा जिले के पांच शिक्षक हुए सम्मानित
इस प्रतिष्ठित सम्मान समारोह में बेमेतरा जिले के पांच शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जो अपनी नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में योगदान दे रहे हैं।
सम्मानित शिक्षकों के नाम:
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गायत्री जोगी
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अंबालिका पटेल
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गिरिजा पटेल
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पुष्पेंद्र सिंह राजपूत
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धनेश राम रजक
ये सभी शिक्षक बच्चों की शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नई-नई शिक्षण विधियों का प्रयोग कर रहे हैं। सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों ने सभी शिक्षकों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।
समारोह में प्रमुख गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस सम्मान समारोह में शिक्षा जगत के कई अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
मौजूद प्रमुख व्यक्ति:
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जिला शिक्षा अधिकारी (DEO): डॉ. कमल कपूर बंजारे
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एपीसी: भूपेंद्र कुमार साहू
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डाइट के प्राचार्य: जे.के. घृतलहरे
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व्याख्याता: थलज कुमार साहू
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बीईओ (साजा): निलेश चंद्रवंशी
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बीआरसी:
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बीडी बघेल
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खोमलाल साहू (बेरला)
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प्रधान पाठक: हरि केडिया
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अन्य शिक्षक:
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घनश्याम सोनी
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अहिल्या कुंजाम
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मैमूना सुल्ताना
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वीणा रावटे
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आशुतोष चौबे
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स्वेता वर्मा
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कल्याणी सिन्हा
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चंदा सिन्हा
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वर्षा जैन
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प्रतीक जैन
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सीएसी प्रकाश कुंजाम
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शिक्षकों की भूमिका और शिक्षा का महत्व
नवाचार के जरिए शिक्षा को रोचक बना रहे हैं शिक्षक
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आज के दौर में शिक्षकों की भूमिका सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है।
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वे शिक्षा को बच्चों के लिए आसान और रोचक बनाने के लिए कई नए-नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं।
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नवाचार और रचनात्मकता के माध्यम से शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक शिक्षा भी दे रहे हैं।
सम्मान समारोह का महत्व
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ऐसे सम्मान समारोह शिक्षकों को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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इससे शिक्षकों को अपने प्रयासों की सराहना मिलती है, जिससे वे और अधिक उत्साह के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते हैं।
समाज और सरकार से अपील – शिक्षा को और सशक्त बनाएं
शिक्षकों के योगदान को पहचानना और उन्हें सम्मानित करना जरूरी है।
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समाज और सरकार को मिलकर शिक्षकों को और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
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शिक्षा प्रणाली को तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना समय की मांग है।
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महिला शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन देकर शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
मुख्य बिंदु (Highlights):
✅ रायपुर में शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी के एक साल पूरे होने पर सम्मान समारोह
✅ बेमेतरा जिले के 5 शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान
✅ शिक्षकों को उनके नवाचार और शिक्षण योगदान के लिए सम्मानित किया गया
✅ महापौर मीनल चौबे और डीईओ विजय कुमार खंडेलवाल मुख्य अतिथि रहे
✅ समारोह में जिले के कई शिक्षा अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे
✅ शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और नवाचार की दिशा में अपने विचार रखे
✅ समाज और सरकार से शिक्षकों को और अधिक समर्थन देने की अपील