अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर भारत-पाक युद्धविराम का श्रेय खुद को दिया है।
वॉशिंगटन डीसी में मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि
भारत-पाक परमाणु युद्ध के कगार पर थे,
लेकिन उन्होंने व्यापार रोकने की धमकी देकर 24 घंटे में सीजफायर कराया।
ट्रंप का बड़ा बयान:
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“दोनों देश लड़ते रहे तो ट्रेड बंद कर देंगे—ये अल्टीमेटम दिया।”
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“7 फाइटर जेट्स गिराए गए, हालात बेहद खतरनाक थे।”
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“मैंने पहले भी व्यापारिक दबाव से युद्ध रुकवाए हैं।”
️ भारतीय वायुसेना का दावा:
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एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा:
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भारत ने 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान और
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एक AEW&C (अर्ली वार्निंग विमान) गिराया।
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S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने दिखाई ताकत।
️ भारत का पलटवार:
विदेश मंत्रालय का कहना है:
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सीजफायर भारत-पाक DGMO स्तर पर हुआ, कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था।
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ट्रंप के दावे को भारत ने सीधे खारिज कर दिया।
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विपक्ष ने इस बयान को मोदी सरकार की “विदेश नीति की नाकामी” बताया।
️ ऑपरेशन सिंदूर क्यों हुआ?
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22 अप्रैल को पलहगाम में आतंकी हमला, 26 निर्दोष नागरिक शहीद।
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इसके जवाब में भारत ने POK समेत 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।
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पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई से तनाव बढ़ा, हालात युद्ध के मुहाने तक पहुंचे।
अब ट्रंप का ये बयान भारत-पाक संबंधों पर नई बहस छेड़ सकता है।
क्या ये सच में अमेरिका का दबाव था या भारत की खुद की कूटनीतिक जीत?
सोशल मीडिया पर ये सवाल ट्रेंड कर रहा है।