विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 20 अगस्त 2025 को अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए नया लर्निंग आउटकम बेस्ड करिकुलम फ्रेमवर्क (LOCF) का ड्राफ्ट जारी किया, लेकिन यह जारी होते ही विवादों में घिर गया है।
ड्राफ्ट में गणित, कॉमर्स, केमिस्ट्री और इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में भारतीय माइथोलॉजी, वेद, पुराण और कालगणना के टॉपिक्स शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
ड्राफ्ट में क्या खास?
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गणित (Maths):
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सूर्य सिद्धांत से युग और कल्प की गणना
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विष्णु वर्ष और शिव वर्ष जैसे दिव्य समय चक्र
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पंचांग (भारतीय कैलेंडर) और मुहूर्त की समझ
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शुल्ब सूत्रों से ज्यामिति और अंक गणना
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कॉमर्स:
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भगवद्गीता और रामायण से मैनेजमेंट थ्योरी
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वेद-उपनिषदों से बिजनेस एथिक्स
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मारवाड़ी और गुजराती बिजनेस मॉडल
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केमिस्ट्री: सरस्वती नमस्कार के साथ शुरुआती अध्याय
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इकोनॉमिक्स: कौटिल्य के अर्थशास्त्र पर फोकस
⚡ विवाद क्यों?
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SFI (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने इस ड्राफ्ट को “RSS एजेंडा” बताया।
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स्वतंत्रता संघर्ष पर सावरकर की किताब को शामिल करने का भी विरोध।
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SFI ने 25 से 27 अगस्त तक 3 दिन का विरोध आंदोलन चलाया और UGC कार्यालयों तक मार्च निकाला।
️ आगे क्या?
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ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां 20 सितंबर तक ली जाएंगी।
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कोर्स कब लागू होगा, इस पर अभी स्पष्टता नहीं।
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UGC का कहना: “यह करिकुलम इनोवेशन और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देगा।”
हाइलाइट्स एक नजर में:
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9 विषय: मानवशास्त्र, केमिस्ट्री, कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी, होम साइंस, गणित, फिजिकल एजुकेशन, पॉलिटिकल साइंस।
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सबसे ज्यादा विवाद: गणित, कॉमर्स, केमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स पर।
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स्टूडेंट्स का आरोप: यह शिक्षा के नाम पर विचारधारा थोपने की कोशिश है।