इंग्लैंड के लिवरपूल में जारी वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजी टीम के प्रदर्शन में मिली-जुली खबरें सामने आईं। दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निखत जरीन ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की, जबकि टोक्यो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहैन और दो अन्य मुक्केबाज शुरुआती दौर में हार गए।
निखत जरीन ने मारी वापसी
51 किग्रा वर्ग में अनसीडेड निखत जरीन ने चोट के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शानदार वापसी की। उन्होंने राउंड ऑफ 32 में अमेरिका की जेनिफर लोज़ानो को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराया।
29 साल की निखत ने पहले राउंड में थोड़ा सतर्क प्रदर्शन किया, लेकिन जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, उन्होंने पूरी तरह कब्जा जमाया। अब निखत प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की युना निशिनाका से भिड़ेंगी।
लवलीना बोरगोहैन बाहर
75 किग्रा वर्ग में टॉप सीड लवलीना बोरगोहैन को राउंड ऑफ 16 में तुर्की की बुसरा इसिलदार ने 0-5 से हराया। मुकाबला काफी कड़ा और उलझन भरा रहा। लवलीना सटीक पंच लगाने में सफल नहीं हो पाईं, जबकि तुर्की की साउथपॉ मुक्केबाज ने निर्णायक पंचों के साथ जीत अपने नाम की।
पुरुष मुक्केबाजों का प्रदर्शन
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हितेश गुलिया (70 किग्रा): पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में उतरे हितेश को नीदरलैंड के फिन रॉबर्ट बॉस ने 1-4 से हराया। पहले दो राउंड में उन्होंने स्कोर बराबर करने की कोशिश की, लेकिन तीसरे राउंड में की गई एक गलती ने हार तय कर दी।
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संजू खत्रू (60 किग्रा): पोलैंड की अनेटा रिगिएल्स्का के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में सर्वसम्मत निर्णय से हार गई।
नरेंद्र बेर्वाल ने +90 किग्रा में जीत दर्ज की
एशियाई खेलों के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नरेंद्र बेर्वाल ने पुरुषों के +90 किग्रा वर्ग में आयरलैंड के मार्टिन क्रिस्टोफर मैकडॉनघ को हराया। शुरुआती दौर में उनकी गति थोड़ी धीमी रही, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड में उन्होंने सटीक सीधे पंचों के साथ दबदबा बनाया और विभाजित निर्णय से जीत हासिल की।
अब नरेंद्र राउंड ऑफ 16 में इटली के डिएगो लेनजी से मुकाबला करेंगे।
सारांश:
निखत जरीन और नरेंद्र बेर्वाल की जीत भारतीय मुक्केबाजी टीम के लिए बड़ी खुशखबरी है। वहीं, लवलीना, हितेश और संजू का शुरुआती दौर में हारना टीम के लिए चुनौती भी साबित हुआ। अगले राउंड में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें रहेंगी।