अक्टूबर का मौसम बाइक राइडर्स के लिए किसी तोहफे से कम नहीं। न ज्यादा गर्मी, न ज्यादा सर्दी—बस खुला आसमान, हरे-भरे नजारे और लंबी सड़कों का रोमांच। लेकिन सफर शुरू करने से पहले सिर्फ बाइक पर बैठकर निकल जाना काफी नहीं है। सही तैयारी और सही जांच आपकी यात्रा को न सिर्फ यादगार, बल्कि सुरक्षित भी बना सकती है।
ट्रिप से पहले बाइक की पूरी जांच
पतझड़ के मौसम में सड़कों पर गीली पत्तियां और हल्की फिसलन आम है। ऐसे में रोड ट्रिप से पहले प्री-राइड इंस्पेक्शन कराना बेहद जरूरी है। इससे आप अनचाही परेशानियों से बच सकते हैं और सफर का मजा खराब नहीं होगा।
टायर की हेल्थ सबसे अहम
गर्मी के बाद बदलते मौसम में टायर प्रेशर पर असर पड़ना सामान्य है। कम या ज्यादा प्रेशर से बाइक की ग्रिप और कंट्रोल बिगड़ सकता है। इसलिए टायर प्रेशर निर्माता की गाइडलाइन के अनुसार ही रखें। साथ ही ट्रेड डेप्थ, कट्स, साइडवॉल डैमेज और पंक्चर के निशान चेक करें। पुराने या घिसे टायर तुरंत बदलें। जरूरत हो तो व्हील बैलेंसिंग और एलाइनमेंट भी करवा लें।
रोशनी और विजिबिलिटी का ध्यान रखें
अक्टूबर में दिन छोटे होने से हेडलाइट का इस्तेमाल ज्यादा होगा। कमजोर हेडलाइट्स परेशानी खड़ी कर सकती हैं। जरूरत पड़े तो ब्राइट बल्ब या एक्स्ट्रा लाइट्स लगवाएं (कानूनी सीमा के भीतर)। साथ ही ब्रेक लाइट और इंडिकेटर्स सही काम कर रहे हैं या नहीं, यह भी चेक करें। पीछे रखे लगेज से लाइट्स ब्लॉक न हों, इसका भी ध्यान रखें। रात की राइडिंग के लिए रिफ्लेक्टिव टेप्स और स्टिकर्स बेहद कारगर साबित होते हैं।
इंजन और ब्रेक की सर्विस
लंबे सफर से पहले इंजन ऑयल, ब्रेक फ्लूइड, और कूलेंट लेवल की जांच करना न भूलें। ब्रेक पैड्स, बैटरी, ABS और क्लच केबल्स की हालत भी चेक कर लें। लंबी राइड पर जा रहे हैं तो चेन क्लीनिंग और ल्यूब्रिकेशन किट साथ रखना स्मार्ट मूव है।
मौसम के हिसाब से राइडिंग गियर
दिन में खुशनुमा और रात में ठंडी हवा—पतझड़ में गियर का चुनाव समझदारी से करें। विंडप्रूफ और वॉटरप्रूफ जैकेट, ग्लव्स, पैंट्स और बूट्स जरूरी हैं। हेलमेट वाइजर पर एंटी-फॉग फिल्म लगाएं और बहुत डार्क टिंट से बचें ताकि रात में विजिबिलिटी ठीक बनी रहे।
खुद को फिट रखें
लंबी दूरी तय करने से पहले शरीर को बाइकिंग के लिए तैयार करें। छोटे-छोटे प्रैक्टिस राइड्स करें, ताकि स्टैमिना बढ़े। इमरजेंसी ब्रेकिंग की प्रैक्टिस करें और अपनी औसत स्पीड लिमिट पहले ही तय कर लें। यात्रा के दौरान हर 2-3 घंटे में ब्रेक लें, पानी पीते रहें और हल्का-फुल्का खाना खाते रहें।
कैमरे से ज्यादा जरूरी है सुरक्षा
अगर आप रोड ट्रिप शूट करने जा रहे हैं तो कैमरा आपकी राइडिंग में बाधा न बने। उसे ऐसे लगाएं कि आपका ध्यान न बंटे। शूटिंग के लिए ट्रैफिक-फ्री जगह चुनें और हमेशा फोकस सड़क और सफर पर ही रखें।