छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार से तीन दिवसीय समीक्षा बैठकों की शुरुआत की है। 12 अक्टूबर को उन्होंने प्रदेशभर के कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा की और अब सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन के नवीन सभागार में पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की समीक्षा बैठक शुरू हो गई है।
पुलिस कप्तानों से 3 घंटे की समीक्षा
सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के पुलिस कप्तानों से उनके कामकाज का ब्योरा लिया। इस दौरान कानून-व्यवस्था, अपराधों की रोकथाम, सुरक्षा योजनाओं और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य में बढ़ते साइबर क्राइम को लेकर भी विशेष फोकस रखा गया। बैठक में इस समस्या से निपटने के लिए नई रणनीतियों और रोकथाम उपायों पर विचार किया गया। इसके साथ ही खुफिया विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल?
कॉन्फ्रेंस में डीजीपी अरुणदेव गौतम, विभिन्न रेंजों के आईजी और सभी जिलों के एसपी मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और सामने आई चुनौतियों को साझा करने का मौका दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस रणनीति बनाना है।
वन विभाग की कॉन्फ्रेंस दोपहर 2 बजे से
एसपी कॉन्फ्रेंस के बाद एक घंटे का ब्रेक होगा और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक डीएफओ कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अफसर और वनमंडलाधिकारी (DFO) शामिल होंगे।
इस सत्र में—
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वन्यजीव संरक्षण
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वन संसाधनों का प्रबंधन
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क्षेत्रीय वन नीतियों की समीक्षा
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और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी।
‘शासन संवाद’ कार्यक्रम शाम 4:15 बजे से
दिनभर की समीक्षा बैठकों के बाद शाम 4:15 बजे से 7:30 बजे तक सुशासन संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और नीति-निर्धारकों के बीच संवाद, सुझाव और अनुभव साझा करने का सिलसिला चलेगा।
सीएम विष्णु देव साय ने इस पूरी कॉन्फ्रेंस को राज्य में सुशासन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बताया।
कल कलेक्टरों के साथ 9 घंटे की मैराथन बैठक
इससे पहले रविवार को सीएम साय ने लगभग 9 घंटे तक कलेक्टरों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को फटकार लगाई और अच्छे काम करने वाले अफसरों की सराहना भी की।
✅ निष्कर्ष:
सीएम विष्णु देव साय की यह श्रृंखलाबद्ध समीक्षा बैठकें स्पष्ट संकेत देती हैं कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था, वन प्रबंधन और सुशासन पर विशेष फोकस कर रही है। प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह पहल एक अहम कदम मानी जा रही है।