दिवाली से ठीक एक हफ्ता पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली होने लगी है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मंगलवार को 211 दर्ज किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है।
GRAP-1 कब लागू होता है?
ग्रैप का पहला चरण तब लागू किया जाता है, जब दिल्ली का AQI 201 से 300 के बीच पहुँच जाता है। इस लेवल को खराब श्रेणी माना जाता है और तुरंत पाबंदियां लगाई जाती हैं।
GRAP-1 के तहत क्या-क्या बंद रहेगा?
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होटलों और रेस्तरां में कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित
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पुराने वाहन – BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर सख्त निगरानी
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निर्माण और विध्वंस (C&D) गतिविधियां – 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्रोजेक्ट्स पर रोक
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खुले में कचरा फेंकने पर प्रतिबंध
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डीजल जेनरेटर का उपयोग बंद
प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे कदम
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सड़कों की मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव
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C&D मटेरियल को ढककर रखना और धूल शमन उपाय लागू करना
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वाहनों के PUC (Pollution Under Control) मानदंडों की सख्ती से जांच
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ठोस कचरे के उचित प्रबंधन पर ज़ोर
क्यों है चिंता की बात?
दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा का रुख बदलता है और प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। इस बार दिवाली के पहले ही हवा खराब श्रेणी में पहुँच चुकी है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो GRAP के अगले चरण लागू होंगे, जिनमें स्कूल बंद करना, औद्योगिक गतिविधियों पर रोक और गाड़ियों पर और ज्यादा पाबंदियां भी शामिल हो सकती हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का खतरा अब फिर से गहराने लगा है। दिवाली नज़दीक है और पटाखों का धुआं स्थिति को और बदतर बना सकता है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और लोगों का सहयोग दोनों ज़रूरी हैं।