हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा: पीएससी मामले में 37 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति क्यों नहीं हुई

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बिलासपुर – छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती के मामले में राज्य सरकार की अपील पर हाईकोर्ट ने अफसरों की भूमिका पर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है। पीएससी ने जिन लोगों को चुना, वे आज भी डेडलॉक की स्थिति में हैं। डिवीजन बेंच ने संबंधित सभी अपीलों को एक साथ सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने को कहा है। दरअसल, सीजीपीएससी 2021 में हुई गड़बड़ी को लेकर सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील की है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में बताया गया कि परीक्षा नियंत्रक को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।

इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि इसके बाद भी जांच अधूरी क्यों है? हाईकोर्ट यह भी पूछा कि चयन होने के बाद भी जब 37 उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति आदेश क्यों जारी नहीं हुए, उन्हें अनिश्चितता में क्यों रखा गया है? उम्मीदवारों को क्यों लटकाया जा रहा है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की बेंच में सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया कि 17 उम्मीदवारों की भूमिका की जांच चल रही है, जबकि अन्य आरोपियों पर अभी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रिपोर्ट में 41 नाम थे, अब 17 पर जांच और बाकी का क्या हुआ? अन्य उम्मीदवारों और पीएससी अधिकारियों की भूमिका की जांच कहां तक पहुंची है।

पूर्व सीएम बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर फैसला सुरक्षित
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में सीएम रहते भूपेश बघेल पर आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप है, जिसमें उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है। दरअसल, दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल की विधायकी खत्म करने के लिए याचिका लगाई है। पूर्व में भूपेश बघेल ने याचिका खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही कहा था कि याचिका चलने के लिए पर्याप्त आधार है।

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