8 मोबाइल टेस्टिंग लैब के साथ 35 टीम तैनात, 9340597097 पर करें शिकायत त्योहारी सीजन में खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए प्रदेशभर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली बार मैजिक बॉक्स तकनीक से बाजारों में ऑन-द-स्पॉट जांच की जा रही है। विभाग ने 35 से अधिक टीमें और 8 मोबाइल टेस्टिंग लैब्स एक्टिव की हैं।
खाद्य विभाग ने इस सीजन में 1200 से अधिक सैंपल जांचने का लक्ष्य तय किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। हर टीम को प्रतिदिन 20 सैंपल जांचने का लक्ष्य दिया गया है। मोबाइल वैन दुकानों और बाजारों में जाकर मौके पर ही मिलावटी सामान जब्त और नष्ट करेंगी।
इतना ही नहीं खाद्य विभाग ने पूरे प्रदेश में त्योहारी सीजन में होने वाली मिलावट को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे किसी भी वक्त शिकायत की जा सकती है। खाद्य विभाग के कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश में शिकायतों का समाधान हो रहा है या नहीं इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
मैजिक बॉक्स क्या है ‘मैजिक बॉक्स’ एक पोर्टेबल किट है जिसमें विभिन्न रासायनिक पैरामीटर पर मिलावट की पहचान की जाती है। अगर कोई खाद्य सामग्री दूषित या मिलावटी है तो इसके जरिए टेस्ट लगाकर तुरंत ही पता किया जा सकता है। मिठाइयों में कृत्रिम रंग, तेल में घातक रसायन या दूध में डिटर्जेंट या स्टार्च जैसी मिलावट को यह बॉक्स मौके पर ही पकड़ लेता है।
एक यूनिट से 3 जिले कवर एक मोबाइल यूनिट को तीन जिला कवर करने का जिम्मा दिया गया है। छोटे चार जिलों के बीच एक यूनिट रखी गई है। रायपुर, धमतरी और गरियाबंद के लिए एक मोबाइल यूनिट रखी गई है। बेमेतरा, बालोद, दुर्ग और राजनांदगांव के लिए एक यूनिट है। मोहला मानपुर, खैरागढ़, कबीरधाम के लिए एक यूनिट है। बिलासपुर संभाग में तीन-तीन जिलों पर एक यूनिट रखी है।
हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मौके पर हो रही कार्रवाई ^मिलावट पर सख्ती के लिए प्रदेशभर में लगातार जांच की जा रही है। विभाग की 35 से अधिक टीमें सक्रिय है, जो हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मौके पर कार्रवाई कर रही हैं। दीपक अग्रवाल, फूड एंड ड्रग कंट्रोलर
हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मौके पर हो रही कार्रवाई ^मिलावट पर सख्ती के लिए प्रदेशभर में लगातार जांच की जा रही है। विभाग की 35 से अधिक टीमें सक्रिय है, जो हर छोटे-बड़े बाजार में जाकर मौके पर कार्रवाई कर रही हैं। दीपक अग्रवाल, फूड एंड ड्रग कंट्रोलर