जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने घोषणा की है कि सिनेमा स्टडीज़ और कोरियन स्टडीज़ में पीएचडी दाखिले के लिए नवंबर के अंत में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए होगी।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि परीक्षा की तिथि और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जल्द ही जेएनयू की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
क्यों अलग परीक्षा?
दरअसल, सिनेमा स्टडीज़ और कोरियन स्टडीज़ विषय यूजीसी की सूची में शामिल नहीं हैं। मार्च 2024 में यूजीसी ने निर्देश दिया था कि पीएचडी में दाखिला अब यूजीसी नेट परीक्षा (NTA द्वारा आयोजित) के माध्यम से ही होगा।
लेकिन इन दोनों विषयों का नेट में अभाव होने के कारण जेएनयू ने खुद से CBT परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है।
कितनी सीटें हैं?
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इस साल JNU में अब तक करीब 800 छात्रों को पीएचडी में दाखिला मिल चुका है।
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लेकिन सिनेमा स्टडीज़ और कोरियन स्टडीज़ की 22 सीटें खाली थीं।
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अब इन्हीं सीटों पर एडमिशन के लिए CBT परीक्षा और उसके बाद वायवा (इंटरव्यू) लिया जाएगा।
जेएनयू के अंदरूनी घटनाक्रम: एसआईएस में दोबारा GBM
इसी बीच, जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ (SIS) में दोबारा जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) कराने के आदेश दिए गए हैं।
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यह कदम छात्र संघ के संयुक्त सचिव वैभव मीणा की शिकायत के बाद उठाया गया।
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उनकी शिकायत थी कि एसएसएस, एसआईएस और स्कूल ऑफ लैंग्वेज में हुई GBM में चुनाव समिति सदस्य का चयन नियमों के अनुसार नहीं हुआ।
जांच में पाया गया कि एसआईएस में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद यहां दोबारा GBM कराने का निर्देश दिया गया है।
छात्र संघ की उपाध्यक्ष मनीषा ने आरोप लगाया कि ABVP और NSUI की वजह से एसएसएस में GBM अधूरी रह गई थी। अब तीनों स्कूलों के चुनाव समिति सदस्य मिलकर संयोजक चुनेंगे और फिर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
यानी, एक तरफ JNU अपने छात्रों को नई रिसर्च फील्ड्स (Cinema & Korean Studies) में मौका दे रहा है, तो दूसरी ओर कैंपस की छात्र राजनीति भी नए मोड़ ले रही है।