छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 इस बार बेहद खास होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को राजधानी नवा रायपुर स्थित नई विधानसभा का उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
क्या है नई विधानसभा की खासियत?
-
धान की कलाकृति: छत्तीसगढ़ की पहचान धान को सीलिंग पर उकेरी गई खूबसूरत नक्काशी से दर्शाया गया है।
-
बस्तर का शिल्प: विधानसभा में इस्तेमाल होने वाला फर्नीचर बस्तर के कारीगरों ने हाथों से बनाया है।
-
एक ही सर्कल में मंत्रालय-संचालनालय-विधानसभा: सभी अहम प्रशासनिक इमारतें एक सर्कल में होंगी, जिससे कामकाज आसान होगा।
-
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उद्घाटन समारोह में शामिल हो सकते हैं।
5 साल में तैयार, दो सरकारों की कहानी
-
भूमिपूजन: 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार में आधारशिला रखी गई। इस मौके पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्चुअल जुड़े थे।
-
निर्माण पूरा: 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यों की समीक्षा की और अब लगभग 5 साल में भवन तैयार हो गया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
-
500 सीटों वाला ऑडिटोरियम – विशाल मंच, VIP लाउंज, लॉबी, ग्रीन रूम और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प के साथ।
-
24 मंत्रियों के लिए चैंबर – अलग-अलग प्रवेश और निकास के साथ, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहे।
-
पूर्व विधायकों के लिए व्यवस्था – पहले की विधानसभा में यह सुविधा नहीं थी।
कितना बड़ा है नया विधानसभा भवन?
-
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में बने इस नए भवन का परिसर 51 एकड़ में फैला है।
-
वर्तमान बरौंदा स्थित पुराना विधानसभा परिसर 55 एकड़ का है, यानी नया भवन 4 एकड़ छोटा है, लेकिन अधिक आधुनिक और व्यवस्थित है।
पुरानी विधानसभा की झलक
-
छत्तीसगढ़ के गठन के बाद पहली विधानसभा का सत्र 14 दिसंबर 2000 को रायपुर के राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था।
-
27 फरवरी 2001 से विधानसभा बरौंदा स्थित विधान नगर परिसर से संचालित हो रही थी।
निष्कर्ष: नई विधानसभा सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आधुनिकता का संगम है। धान की कलाकृतियों से सजी छत, बस्तर का शिल्प और अत्याधुनिक सुविधाएं इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक गर्व का प्रतीक बनाएंगी।