असम में जल्द ही लव जिहाद और बहुविवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कानून बनने की संभावना है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को घोषणा की कि उनकी सरकार विधानसभा के अगले सत्र में इस पर महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक पेश करेगी।
नगांव में CM का बड़ा ऐलान
नगांव में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा—
“असम विधानसभा के अगले सत्र में हम लव जिहाद, बहुविवाह, वैष्णव मठ (सत्रों) की सुरक्षा और चाय जनजातियों को भूमि अधिकार देने जैसे विषयों पर बिल लाने जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि इन विधेयकों का मकसद राज्य में सामाजिक सुधार और पारंपरिक संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद खुलेंगे प्रावधान
सरकार ने अभी विधेयकों के विस्तृत प्रावधान साझा नहीं किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसौदे को पहले राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा, जिसके बाद बिल की पूरी जानकारी सामने लाई जाएगी।
क्यों है यह अहम?
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लव जिहाद: बीजेपी शासित कई राज्यों में इस मुद्दे पर कानून बनाए गए हैं। अब असम भी इस सूची में जुड़ सकता है।
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बहुविवाह पर रोक: केंद्र स्तर पर भी इस विषय पर चर्चा जारी है। अगर असम विधानसभा में बिल पास होता है तो यह देश में एक बड़ा मिसाल हो सकता है।
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सत्रों का संरक्षण: असम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में वैष्णव मठ (सत्र) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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चाय जनजातियों को भूमि अधिकार: लंबे समय से जमीन के स्वामित्व को लेकर चली आ रही मांग पूरी हो सकती है।
आने वाला विधानसभा सत्र असम की राजनीति और समाज दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है, क्योंकि यहां लिए गए फैसले राज्य की सामाजिक संरचना और परंपराओं को सीधे प्रभावित करेंगे।