एशिया कप 2025 खत्म हो चुका है, लेकिन ट्रॉफी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नक़वी ने एक बार फिर साफ कहा है कि ट्रॉफी भारत को तभी मिलेगी जब वह इसे खुद किसी आधिकारिक समारोह में भारतीय खिलाड़ियों को हाथों से सौंपेंगे।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
फाइनल मैच के बाद नक़वी लगभग 40 मिनट तक प्रेजेंटेशन स्टेज पर इंतजार करते रहे, लेकिन भारतीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं आई। इसके बाद उन्होंने ट्रॉफी को अपने पास रख लिया और अब तक भारत को नहीं दी है।
नक़वी इस समय दुबई में हैं और बताया जा रहा है कि ट्रॉफी भी उनके ऑफिस में रखी हुई है।
BCCI और नक़वी की चिट्ठियों की जंग
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BCCI ने 30 सितंबर को नक़वी को पत्र लिखकर ट्रॉफी तुरंत भारत भेजने की मांग की थी।
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इसके जवाब में नक़वी ने कहा –
“भारतीय टीम को जीत की बधाई, लेकिन काश यह स्पोर्ट्समैनशिप मैदान पर भी दिखाई देती। मैं मंच पर 40 मिनट इंतजार करता रहा, पर खिलाड़ी नहीं आए। यह बेहद अफसोसजनक था।”
उन्होंने BCCI की चिट्ठी को भ्रामक और राजनीति से प्रेरित करार दिया और कहा कि पुरस्कार वितरण से पहले भारतीय टीम ने कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी थी।
नक़वी का नया ऑफर
नक़वी ने साफ कर दिया है कि ट्रॉफी हाथों-हाथ ही दी जाएगी। उन्होंने BCCI को प्रस्ताव दिया है कि यदि भारत चाहे तो दुबई में एक आधिकारिक समारोह आयोजित किया जा सकता है, जहां वह व्यक्तिगत रूप से भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपेंगे।
⚡ स्पोर्ट्स से पॉलिटिक्स तक
यह मामला अब केवल खेल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि BCCI और ACC के बीच स्पोर्ट्समैनशिप बनाम राजनीति की बहस का रूप ले चुका है। अब देखना होगा कि भारतीय बोर्ड इस पर क्या रुख अपनाता है – क्या ट्रॉफी लेने के लिए टीम दुबई जाएगी या विवाद और गहराएगा।