सैन फ्रांसिस्को। दुनिया के सबसे अमीर बिज़नेसमैन इलॉन मस्क ने अपनी AI कंपनी xAI के ज़रिए एक नया प्रोडक्ट लॉन्च किया है – ग्रोकिपीडिया (Grokipedia)। इसे विकिपीडिया के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। मस्क ने दावा किया है कि यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह ट्रुथफुल और बायस-फ्री होगा।
27 अक्टूबर को लॉन्च के तुरंत बाद इसकी वेबसाइट क्रैश हो गई थी, हालांकि बाद में तकनीकी समस्या ठीक कर दी गई। फिलहाल यह बीटा वर्ज़न पर चल रहा है।
क्यों बनाई गई ग्रोकिपीडिया?
मस्क का कहना है कि विकिपीडिया में “आइडियोलॉजिकल नैरेटिव्स और प्रोपगैंडा” शामिल होते हैं। इसी कारण उन्होंने ट्रुथ-सीकिंग नॉलेज बेस बनाने का फैसला किया।
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यह प्लेटफॉर्म xAI के Grok AI चैटबॉट से पावर्ड है।
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चैटबॉट रीयल-टाइम डेटा पर ट्रेन किया गया है।
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होमपेज बेहद सिंपल है – सिर्फ एक सर्च बार और “Grokipedia v0.1” लिखा है।
ग्रोकिपीडिया के फीचर्स
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यह पूरी तरह AI-ड्रिवन है।
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कंटेंट को ऑटोमेटेड तरीके से जनरेट, फैक्ट-चेक और एडिट किया जाता है।
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ह्यूमन इंटरवेंशन बहुत कम है।
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यूजर्स सीधे एडिट नहीं कर सकते, लेकिन गलतियों को रिपोर्ट कर सकते हैं।
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दावा है कि जानकारी तेज़, ज्यादा तथ्यात्मक और कम राजनीतिक पक्षपाती होगी।
कंटेंट लाइब्रेरी और सोर्स
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अभी ग्रोकिपीडिया पर लगभग 8.85 लाख आर्टिकल्स मौजूद हैं।
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शुरुआती कंटेंट विकिपीडिया से लिया गया है, जो क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस (CC BY-SA 4.0) के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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विकिपीडिया पूरी तरह क्राउड-सोर्स्ड है, जिसमें वॉलंटियर्स आर्टिकल्स लिखते और एडिट करते हैं।
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जबकि ग्रोकिपीडिया का मॉडल AI-ऑटोमेशन पर आधारित है।
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मस्क का कहना है कि यहां सिर्फ वेरिफायबल फैक्ट्स को महत्व मिलेगा।
आगे की योजना
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अभी यह v0.1 वर्ज़न है। मस्क का दावा है कि v1.0 वर्ज़न मौजूदा से 10 गुना बेहतर होगा।
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भविष्य में आर्टिकल्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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केवल AI नहीं, बल्कि एक ह्यूमन एडिटर टीम भी जोड़ी जाएगी, ताकि “ट्रुथ-सीकिंग” का लक्ष्य और पुख्ता हो सके।
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xAI का मिशन है – “यूनिवर्स को समझना”, और ग्रोकिपीडिया इसी दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।