World Boxing Cup Finals: जैस्मिन-मीनाक्षी नंबर-1 बनने की दहलीज़ पर, निकहत और स्वीटी के लिए बड़ा कमबैक मौका

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भारत के मुक्केबाजों के लिए ग्रेटर नोएडा में होने वाला वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, हाल ही में लिवरपूल में खिताब जीतने वाली जैस्मिन (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा) अगर इस टूर्नामेंट में गोल्ड जीत लेती हैं तो दोनों अपने भार वर्ग में दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर बन जाएंगी।

निकहत जरीन को पुराना दबदबा हासिल करने का मौका

पेरिस ओलंपिक के बाद पूर्व विश्व चैंपियन निकहत जरीन (51 किग्रा) के लिए रिंग में वापसी आसान नहीं रही। विश्व चैंपियनशिप में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन न करने के बाद अब यह टूर्नामेंट उनके लिए बड़ा मौका है। निकहत ने कहा है कि वह स्वर्ण जीतकर 300 अंक जुटाना चाहती हैं ताकि अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकें।

स्वीटी की दो साल बाद वापसी

इस टूर्नामेंट का एक और आकर्षण होगी स्वीटी (75 किग्रा) की वापसी। 2023 में विश्व चैंपियन बनने के बाद वह पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरेंगी। चोटिल लवलीना की जगह टीम में शामिल हुईं स्वीटी कहती हैं कि दो साल उनके लिए काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। हालांकि उनका वजन 76-77 किलो के आसपास रहता है, इसलिए उन्हें भार वर्ग में एडजस्ट करने में दिक्कत नहीं हुई। अब उनका लक्ष्य है फिर से दुनिया के मंच पर अपनी ताकत दिखाना।

भारत उतारेगा सभी भार वर्गों में खिलाड़ी

14 नवंबर से शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम, ग्रेटर नोएडा में होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत को मेजबानी का फायदा मिलेगा। देश की ओर से पुरुष और महिला, दोनों के सभी 10-10 भार वर्गों में मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे।

क्या है दांव पर?

  • जैस्मिन और मीनाक्षी – गोल्ड जीतते ही दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर बनेंगी।

  • निकहत जरीन – 300 अंक जुटाकर रैंकिंग सुधारेंगी और पुराने दबदबे को साबित करेंगी।

  • स्वीटी – दो साल बाद कमबैक, 75 किग्रा भार वर्ग में खुद को फिर से साबित करने का बड़ा मौका।

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