भिलाई इस्पात संयंत्र में 27 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2025 तक मनाए जा रहे ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2025’ के अंतर्गत “सतर्कता: हमारी साझा ज़िम्मेदारी” पर केंद्रित अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में संयंत्र के सतर्कता विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से 29 अक्टूबर 2025 को भिलाई इस्पात संयंत्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-07 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी एवं अंग्रेज़ी द्विभाषीय वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में महाप्रबंधक (सम्पर्क प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी तथा महाप्रबंधक (मार्केटिंग एवं बीपी) श्रीमती शुभा बंछोर उपस्थित रहीं। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए “सतर्कता: हमारी साझा ज़िम्मेदारी” विषय पर अपने विचार भी व्यक्त किए। इस अवसर पर बीएसपी विद्यालयों के प्रचार्यगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाप्रबंधक (सतर्कता) सुश्री दीप्ति राज ने स्वागत भाषण दिया। तत्पश्चात उप महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री अंशुमन सिंह ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
भिलाई के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेकर विषय पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया और भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं निष्पक्षता जैसे नैतिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ शिक्षकों सहित सहभागी विद्यालयों के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) सुश्री दीप्ति राज ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन उपहार प्रदान किए तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नैतिक उत्कृष्टता एवं सत्यनिष्ठा के महत्व पर प्रकाश डाला।
सहायक प्रबंधक (शिक्षा) श्रीमती नमिता सुनील देशपांडे ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं नियमों की जानकारी प्रदान की, जबकि उप महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री अंशुमन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह उल्लेखनीय है कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के एक प्रमुख साधन के रूप में प्रतिवर्ष अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवम्बर के प्रथम सप्ताह तक मनाया जाता है। इस अवधि में देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी मनाई जाती है, जिनका जीवन सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रतीक रहा है।