बस्तर के शिक्षकों में उपजा आक्रोश: 7 नवंबर को निकालेंगे संभाग स्तरीय रैली, संयुक्त संचालक के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन

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जगदलपुर – छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में व्याप्त तानाशाही रवैये के विरोध में अब बस्तर संभाग के शिक्षक सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। सर्व शैक्षिक संगठन, बस्तर संभाग के बैनर तले आगामी 7 नवंबर को जगदलपुर में शिक्षक विशाल आक्रोश रैली निकालेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

31 अक्टूबर को संपन्न वर्चुअल बैठक में बस्तर, कोंडागांव, कांकेर,नारायणपुर, दंतेवाड़ा,बीजापुर और सुकमा इन सातों जिलों के प्रांतीय पदाधिकारियों,संभागीय प्रतिनिधियों और जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक संयुक्त संचालक शिक्षा बस्तर संभाग को हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि, संयुक्त संचालक शिक्षकों के प्रति तानाशाही और हिटलरशाही रवैया अपना रहे हैं, जिससे शिक्षक वर्ग में गहरा आक्रोश है।

16 अक्टूबर को हुई थी पहली चेतावनी रैली
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2025 को हजारों शिक्षकों ने जगदलपुर में रैली निकालकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। उस दौरान शिक्षकों ने चेतावनी दी थी कि यदि दीपावली अवकाश के बाद भी संयुक्त संचालक को नहीं हटाया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अगले ही दिन शिक्षकों ने जगदलपुर विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव को भी ज्ञापन सौंपा था, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि अवकाश पश्चात कार्यवाही होगी। किंतु कई दिन बीत जाने के बावजूद कोई आदेश जारी नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष चरम पर पहुँच गया है।

आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रम की रूपरेखा
वर्चुअल बैठक में बस्तर संभाग के लगभग दस शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि 3 नवंबर से संभाग के सातों जिलों और विकासखंडों के सभी शिक्षक काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज करेंगे, जबकि 7 नवंबर को जगदलपुर में विशाल आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। रैली में शिक्षकों द्वारा संयुक्त संचालक शिक्षा बस्तर संभाग के स्थानांतरण की माँग दोहराई जाएगी तथा माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम स्मरण ज्ञापन सौंपा जाएगा।

शिक्षकों की आवाज़ अब सड़कों पर
सर्व शैक्षिक संगठन,बस्तर संभाग जगदलपुर के नेतृत्व में यह आंदोलन बस्तर, कोंडागांव,कांकेर,नारायणपुर,दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के शिक्षकों का साझा प्रदर्शन होगा। यह आंदोलन शिक्षकों की एकता और प्रशासनिक अन्याय के विरुद्ध उनकी दृढ़ चेतावनी का प्रतीक माना जा रहा है। संगठन का कहना है कि जब तक तानाशाही रवैया बंद नहीं होता, तब तक बस्तर संभाग में शिक्षकों का संघर्ष जारी रहेगा।

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