चैटजीपीटी के ब्राउजिंग मोड को लेकर अचानक एक बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आई है। हाल ही में हुए डाटा लीक के कारण कई यूज़र्स की प्राइवेट चैट्स गूगल सर्च रिज़ल्ट्स में दिखाई देने लगीं। यह घटना इस महीने की शुरुआत में पकड़ी गई और सबसे पहले डेवलपर्स को तब इसका अंदाज़ा हुआ जब उन्होंने अपने गूगल सर्च कंसोल में उन वाक्यों को पाया जो किसी कीवर्ड की तरह नहीं, बल्कि चैटजीपीटी में पूछे गए पूरे प्रश्नों की तरह थे। बातचीत के अंदाज़ में लिखे ये वाक्य साफ संकेत थे कि चैटजीपीटी की निजी चैट्स इंटरनेट पर इंडेक्स हो रही थीं।
TechCrunch की रिपोर्ट और रिसर्चर जेसन पैकर व स्लोबोडेन मैनिक की जांच में पता चला कि यह लीक चैटजीपीटी के ब्राउजिंग मोड की तकनीकी गलती की वजह से हुआ था। कुछ चैट्स ऐसे URLs बना रही थीं जिनमें “hints=search” जैसा टैग जुड़ जाता था। गूगल इन यूआरएल्स को ऑटोमैटिकली स्कैन और इंडेक्स करता है—और इसी सिस्टम ने उन प्राइवेट चैट्स को सार्वजनिक कर दिया।
OpenAI ने इस बग की पुष्टि की और बताया कि समस्या को ठीक कर दिया गया है, हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि यह गड़बड़ी कितने समय से सक्रिय थी और कितने यूज़र्स प्रभावित हुए। राहत की बात यह रही कि पासवर्ड, अकाउंट की डिटेल्स या वित्तीय जानकारी जैसी高度 संवेदनशील जानकारी लीक होने की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी, यह घटना यह दिखाती है कि एआई आधारित ब्राउजिंग कितनी मजबूती से इंटरनेट सिस्टम्स से बंधी है—और एक छोटी तकनीकी चूक किस तरह बड़ी प्राइवेसी समस्या बन सकती है।
इससे पहले भी चैटजीपीटी की चैट लिंक पब्लिक होने की समस्या सामने आ चुकी है, लेकिन वह यूज़र की सेटिंग्स से जुड़ी थी। इस बार की घटना सिस्टम लेवल की गलती थी—जो इसे और गंभीर बनाती है।
कैसे बचें ऐसी प्राइवेसी रिस्क से?
भले ही समस्या ठीक कर दी गई हो, लेकिन सुरक्षित रहना हमेशा जरूरी है—खासकर एआई टूल्स को वेब एक्सेस देते समय।
– निजी या संवेदनशील जानकारी कभी भी चैट में न डालें।
– ब्राउजिंग मोड केवल जरूरत होने पर ही ऑन करें।
– इनकॉग्निटो या प्राइवेट मोड से इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है।
– अपनी चैट हिस्ट्री समय-समय पर डिलीट करते रहें।
एआई टूल्स का उपयोग जितना बढ़ रहा है, उतनी ही सावधानी जरूरी होती जा रही है। इंटरनेट से जुड़े किसी भी एआई असिस्टेंट के साथ बातचीत करते समय यह याद रखना बेहद महत्वपूर्ण है—आपकी प्राइवेसी आपकी जिम्मेदारी है, इसलिए सतर्क रहें।