मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से अभिनेता धर्मेंद्र का एक निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आईसीयू में भर्ती धर्मेंद्र के इस वीडियो में उनका परिवार भावुक नज़र आ रहा था। यह वीडियो किसने बनाया, इस सवाल का जवाब अब मिल चुका है—अस्पताल के एक स्टाफ को वीडियो लीक करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह वीडियो 13 नवंबर को इंटरनेट पर फैल गया, जबकि धर्मेंद्र को इससे एक दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी थी। वायरल फुटेज में धर्मेंद्र बेहोशी की हालत में आईसीयू बेड पर लेटे दिखाई दे रहे हैं और उनके बेटे सनी देओल व बॉबी देओल उनके पास खड़े हैं। सनी के बेटे करन और राजवीर देओल भी काफी भावुक दिखे। वीडियो में धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर भी रोती हुई नज़र आईं। यह पूरी घटना परिवार के लिए बेहद निजी और संवेदनशील थी, जिसे बिना अनुमति रिकॉर्ड किया गया।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि अस्पताल प्रशासन ने वीडियो बनाने वाले कर्मचारी को तुरंत हिरासत में लेने की पुष्टि की है। सनी देओल की टीम ने भी आधिकारिक बयान जारी करते हुए लोगों और मीडिया से परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की। बयान में साफ कहा गया कि धर्मेंद्र को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे घर पर ही मेडिकल देखभाल ले रहे हैं—ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए।
धर्मेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर 11 नवंबर को तब अफरा-तफरी मच गई थी जब उनकी मृत्यु की झूठी खबरें फैलने लगीं। इन अफवाहों पर उनकी बेटी ईशा देओल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि उनके पिता स्थिर हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। धर्मेंद्र की पत्नी और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने भी ऐसी फर्जी खबरों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार से न सिर्फ परिवार बल्कि इंसानियत का भी अपमान होता है।
अस्पताल से लेकर सोशल मीडिया तक फैली इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि मशहूर हस्तियों की भी निजता होती है—और संवेदनशील वक्त में उसका सम्मान होना ही चाहिए।