भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जा रहा पहला टेस्ट शुरू होते ही टीम इंडिया ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले 93 साल के इतिहास में कभी नहीं देखा गया था। 596 टेस्ट मैचों की यात्रा में यह पहली बार हुआ है कि प्लेइंग-11 में एक साथ छह बाएं हाथ के बल्लेबाज उतरे हों।
यशस्वी जायसवाल, वॉशिंगटन सुंदर, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव—ये सभी खिलाड़ी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और इस टेस्ट में भारत ने इन छह लेफ्ट-हैंडर्स पर भरोसा जताते हुए एक नया अध्याय लिख दिया है।
भारत की रणनीति में इस बार एक और बड़ा मोड़ देखने को मिला। टीम चार स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरी है—रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव। वहीं, ऋषभ पंत और अक्षर पटेल की लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है। बी साईं सुदर्शन और नीतीश कुमार रेड्डी को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। हालिया प्रदर्शन की बदौलत ध्रुव जुरेल बतौर बल्लेबाज़ टीम का हिस्सा हैं।
भारत की प्लेइंग इलेवन:
यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज
दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के लिए पहला टेस्ट शुरू होने से पहले ही झटका लगा। स्टार तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा रिब इंजरी के कारण बाहर हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि कप्तान टेम्बा बावुमा की टीम में वापसी हो गई। लेकिन उम्मीदों के विपरीत डेवाल्ड ब्रेविस को मौका नहीं मिला। शानदार फॉर्म में चल रहे सेनुरान मुत्थुसामी को भी बाहर बैठाया गया है, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन:
एडन मार्करम, रयान रिकेल्टन, वियान मुल्डर, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डि ज़ोरज़ी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेर्रेन (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को यान्सेन, कोर्बिन बॉश, केशव महाराज
भारत की यह लेफ्ट-हैंडर डॉमिनेंस वाली रणनीति दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का बड़ा हथियार साबित हो सकती है। कोलकाता की पिच पर छह लेफ्टी बल्लेबाजों की मौजूदगी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के लिए योजनाएँ तैयार करना और मुश्किल बना देगी। वहीं, भारत अपने घरेलू टेस्ट फॉर्म को एक बार फिर साबित करने के इरादे से मैदान पर उतरा है।