कोलकाता टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान शुभमन गिल से जैसे ही मोहम्मद शमी के भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया, उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब टाल दिया। सवाल था—क्या शमी अभी भी टीम इंडिया के फ्यूचर प्लान का हिस्सा हैं? गिल ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी—“इसका बेहतर जवाब चयनकर्ता दे पाएंगे।”
गिल ने स्वीकार किया कि शमी जैसे विश्वस्तरीय तेज गेंदबाज को बाहर बैठाने का फैसला आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि कई गेंदबाज शमी के स्तर को नहीं छू सकते, लेकिन मौजूदा प्लेइंग ग्रुप के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आकाशदीप और प्रसिद्ध कृष्णा ने हाल के मैचों में कमाल की गेंदबाजी की है और सिलेक्शन हमेशा फॉर्म और आने वाले टूर को देखकर ही तय होता है।
शमी के बाहर होने को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए अच्छे नंबर दिए हैं। चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर पहले ही कह चुके हैं कि शमी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, इसी वजह से उन्हें साउथ अफ्रीका सीरीज में शामिल नहीं किया गया।
स्पिनर्स बनाम पेसर्स—टीम कॉम्बिनेशन चुनना आसान नहीं
गिल ने माना कि भारत में टेस्ट क्रिकेट में यह हमेशा टकराव वाली स्थिति रहती है—एक्स्ट्रा स्पिनर या एक्स्ट्रा पेसर? कोलकाता की पिच भी ऐसी है कि आखिरी पल तक हालात देखे बिना टीम तय करना मुश्किल होता है।
कप्तान के अनुसार, स्पिनर ही मैच का परिणाम काफी हद तक तय करेंगे, लेकिन अगर विकेट सूखा मिला और रिवर्स स्विंग मिली तो तेज गेंदबाजों की भूमिका भी बराबर अहम हो जाएगी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2024 सीरीज का जिक्र किया, जहां स्पिनिंग ट्रैक पर भी तेज गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण विकेट निकाले थे।
ऑलराउंडर्स—टीम इंडिया की असली ताकत
गिल ने कहा कि भारत के पास वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल जैसे बेस्ट ऑलराउंडर्स हैं।
ये न सिर्फ गेंदबाजी बल्कि बल्लेबाजी में भी मैच पलटने की क्षमता रखते हैं। भारत में तो इन तीनों का रिकॉर्ड शानदार रहा है। कोलकाता टेस्ट इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि टीम के पास हर स्थिति के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।
वर्कलोड मैनेजमेंट—गिल की नई चुनौती
भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि तीनों फॉर्मेट खेलने के कारण वह अभी भी वर्कलोड मैनेजमेंट सीख रहे हैं।
टेस्ट और वनडे की कप्तानी उनकी जिम्मेदारी है और उन्हें हाल ही में टी20 में उपकप्तान भी बनाया गया है।
लगातार सीरीज, कम ब्रेक और अलग-अलग देशों की यात्रा—यह सब मैनेज करना आसान नहीं, लेकिन वे इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं।
WTC की दौड़—कोई गलती की गुंजाइश नहीं
साउथ अफ्रीका मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन है और उसके खिलाफ कोई भी मैच आसान नहीं।
गिल ने माना कि कठिन पल आएंगे, लेकिन टीम ने पहले भी उन्हें झेला है।
WTC फाइनल की रेस में बने रहने के लिए यह दोनों टेस्ट भारत के लिए बेहद अहम हैं।