बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा अपने नौवें दिन उत्साह और उमंग के उसी रंग में डूबी दिखी, जो इस यात्रा की शुरुआत से ही इसकी पहचान बन चुका है। उत्तर प्रदेश में प्रवेश के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। यात्रा का माहौल भक्ति, ऊर्जा और सांस्कृतिक जुड़ाव से भरा हुआ है।
जया किशोरी भी बनीं यात्रा का हिस्सा—सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी ने शनिवार को पदयात्रा में पहुंचकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। उन्होंने सम्मान समारोह में भी शिरकत की।
यात्रा के दौरान जया किशोरी भजन गाते हुए श्रद्धालुओं के साथ कदम मिलाकर चलती नजर आईं। उनकी मौजूदगी से यात्रा का माहौल और भी आध्यात्मिक हो उठा। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री इस दौरान परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के चिदानंद मुनि के साथ चलते दिखे। साथ ही पुंडरीक गोस्वामी की पत्नी भी इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल रहीं।
शास्त्री का संदेश: राष्ट्र और राम से प्रेम न हो, तो विचारधारा का हिस्सा बनने की जरूरत नहीं
यात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ कहा कि—
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“जो राष्ट्र और राम से प्रेम नहीं करता, वो हमारे विचारों का समर्थक नहीं हो सकता।”
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“जिन्हें ‘वंदे मातरम्’, ‘भारत माता की जय’ या ‘जय श्रीराम’ बोलने में दिक्कत है, वे चाहें तो लाहौर जा सकते हैं… जरूरत पड़े तो हम टिकट भी कटवा देंगे।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ हैं जो राष्ट्र और संस्कृति के खिलाफ जाते हैं।
शिल्पा शेट्टी और कई नामी हस्तियों की भागीदारी
इस यात्रा में लगातार प्रसिद्ध हस्तियों की उपस्थिति बढ़ रही है।
अब तक शामिल हो चुके नाम—
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शिल्पा शेट्टी
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फिल्म निर्माता एकता कपूर
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अभिनेता राजपाल यादव
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देवकीनंदन ठाकुर
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मृदुलकांत शास्त्री
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स्वामी चिदानंद सरस्वती
मथुरा के संस्कृत विश्वविद्यालय पहुँचीं शिल्पा शेट्टी ने धीरेंद्र शास्त्री से कहा—
“मैं एक कॉल दूर हूं महाराज जी… जब जरूरत हो याद कर लेना।”
उन्होंने यात्रा के उद्देश्य और भीड़ की सराहना भी की।
पदयात्रा 55 किलोमीटर की दूरी तय कर मथुरा में होगी पूरी
चार दिनों में लगभग 55 किलोमीटर की पदयात्रा तय की जा चुकी है। यह यात्रा दिल्ली और हरियाणा से गुजरते हुए मथुरा बॉर्डर में प्रवेश कर चुकी है।
16 नवंबर को इसका भव्य समापन मथुरा में होगा।
यूपी में प्रवेश करते ही धीरेंद्र शास्त्री ने हल्के अंदाज़ में कहा था—
“यूपी में हम ज्यादा सुरक्षित हैं… पता नहीं कब गाड़ी पलट जाए।”