दुर्ग जिले में थाने से कुछ मीटर दूरी पर 14 नवंबर की शाम फायरिंग हुई है। अज्ञात हमलावरों ने कैंप-2 के रहने वाले विकास प्रजापति पर गोली चलाने की कोशिश की। लेकिन निशाना सही नहीं लगने के कारण गोली कान को छूते हुए निकल गई। इस घटना में विकास बाल-बाल बच गए। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है पुरानी रंजिश में वारदात हुई है। पीड़ित के बड़े भाई गंगाधर प्रजापति ने करण साव पर गोली चलाने और भाई को जान से मारने का आरोप लगाया है।
बता दें कि यही वो करण साव है, जिसके चचेरे भाई की हत्या जनवरी 2024 में हुई थी। इस हत्या के आरोप में विकास प्रजापति का चचेरा भाई राहुल प्रजापति अभी जेल में बंद है। आरोप है कि करण ने बदला लेने की नियत से फायरिंग की। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
बर्थडे का काम देना है बोलकर बुलाया, फिल चलाई गोली
आरोपियों ने विकास को फोन कर बुलाया। कहा कि हमारे घर में बर्थ डे है, उसका डेकोरेशन करना है। विकास अपने एक दोस्त के साथ कैलाश नगर सब्जी बाजार के पास पहुंच गया। जैसे ही विकास खड़ा हुआ तो दो नकाबपोश आरोपी ने उसके ऊपर फायरिंग कर दी।
हालांकि निशाना चूक गया और विकास गली की तरफ भागने लगा। विकास के दोस्त ने बताया कि वो थाने की तरफ भागा और विकास कॉलोनी की तरफ। जान बचाने के लिए विकास एक घर में घुस गया। आरोपी ने उसे खोजने की कोशिश की, नहीं मिला तो वो लोग भी भाग गए।
घर का चिराग बुझाने की खाई थी कसम
विकास प्रजापति शादी-पार्टी में डेकोरेशन और साउंड का काम करते है। पत्रकारों से बात करते हुए विकास के बड़े भाई गंगाधर ने कहा कि मेरे भाई पर गोली चलाने का संदेह मुझे करण साव पर है। एक साल पहले करण साव के चचेरे भाई की मौत हुई थी। उसमें मेरे चचेरे भाई का नाम आ गया था।
लेकिन वो शामिल नहीं था। हमने उनके मुंह से सुना था कि हमारे घर का चिराग बुझा है तो तुम्हारे घर का भी एक चिराग बुझेगा। उसी वारदात का बदला लेने के लिए यह कदम उठाया गया है। पहले जो हुआ वो नहीं होना था, वो दुखद है। लेकिन उसके चक्कर में सबको मारना ये गलत है।
जानिए क्या था पुराना विवाद
22 जनवरी 2024 को गाड़ी टकराने के विवाद में 12वीं के छात्र शिवम साव (17 साल) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त मृतक शिवम साव के चचेरे बड़े भाई करण साव ने बताया था कि शाम करीब 7 बजे टेंट का सामान लोड करने के दौरान पप्पू, अनिकेत और राहुल बाइक से आए और वाहन से टकरा गए।
इसके बाद वो लोग उनसे झगड़ा करने लगे। विवाद के बाद तीनों लड़के वहां से चले गए। फिर दो घंटे बाद रात 9 बजे मिलन चौक निवासी चंद्रेश प्रधान, सुमित चौहान, अनिकेत चौहान, अनीष खान और राहुल प्रजापति चाकू और डंडा लेकर आए।
इसी बीच शिवम को अकेला पाकर चंद्रेश ने उसके पेट में चाकू मार दिया और वहां से निकल गए। इस हमले में वो लहूलुहान होकर गिर गया। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन शिवम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस वारदात में शामिल राहुल प्रजापति विकास प्रजापति का चचेरा भाई बताया जा रहा है।
पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता, एसएसपी को करना पड़ा हस्तक्षेप
परिजनों का आरोप है कि खुलेआम इस तरह हुई गोलीबारी की घटना पर गंभीर होकर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आना-कानी की। शाम को करीब 6 बजे गोली चली। प्रार्थी जान बचाकर थाने पहुंचा। पुलिस उसे अपने साथ घटना स्थल पर ले गई। मौके पर लोगों से पूछताछ और शिनाख्त की।
प्रार्थी के भाई ने बताया कि पुलिस ने घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ भी की और एक सीसीटीवी भी दिखाया। जब पुलिस की स्कॉर्पियों की लाइट जली तो गोली के पीछे का हिस्सा वहां पर दिखा।
उसमें एक पुलिस वाले ने उसे उठाया और जेब में उठाकर रख लिया। इसके बाद वे चले गए। लेकिन इसके बाद भी इस मामले में अगले दिन शाम के 4 बजे तक एफआईआर नहीं लिखी गई। बाद में एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
छावनी सीएसपी हेमप्रकाश नायक ने बताया कि विकास प्रजापति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि कैलाश नगर में उसे बुलाकर गोली फायर कर दो लोग भाग गए। प्रार्थी के बताए अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
प्रार्थी का चचेरा भाई मर्डर केस में अंदर बंद है, पॉसिबल है किसी भी तरह से एंगल ले सकता है यह मामला है। हमने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है, मामले में जांच की जा रही है।