छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। जवानों ने 2 महिला समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है।मौके से 303 राइफल, BGL लॉन्चर सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है। तीनों मृत नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक 16 नवंबर 2025 को भेज्जी-चिंतागुफा के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान रविवार सुबह तुमालपाड़ के जंगल में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। सुबह से दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग हुई, जिसमें तीनों नक्सली ढेर हुए। आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि 2025 में बस्तर रेंज में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं। मुठभेड़ के बाद इलाके में DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF की संयुक्त टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही है।
मारे गए नक्सलियों की पहचान-
- माड़वी देवा- जनमिलिशिया कमांडर, स्नाइपर स्पेशलिस्ट, कोंटा एरिया कमेटी सदस्य
- पोड़ियम गंगी- CNM कमांडर, कोंटा एरिया कमेटी
- सोड़ी गंगी- एरिया कमेटी सदस्य, किस्टाराम
बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि माओवाद अब बस्तर में अपने अंतिम चरण में है। संगठन की पकड़ टूट चुकी है और कैडरों के सामने हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। साल 2025 में बस्तर रेंज में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो माओवाद की निर्णायक हार को दर्शाता है।
4 दिन पहले मारे गए 6 नक्सली
बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में 11 नवंबर को हुए मुठभेड़ में 3 महिला समेत 6 नक्सली मारे गए थे। जिसमें मद्देड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज बुच्चन्ना और दूसरे शीर्ष नक्सल लीडर पापाराव की पत्नी उर्मिला भी शामिल है। लेकिन पापाराव इस बार भी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा।
27 लाख के इनामी थे
ऑपरेशन की सफलता के बाद नक्सलियों के शवों को जिला मुख्यालय लाया गया। DRG के जवान नक्सलियों के शव ढोकर लाते दिखाई दिए। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सभी पर कुल 27 लाख का इनाम था।
3 जगह की एरिया कमेटी खाली
भैरमगढ़ एरिया कमेटी का इंचार्ज कमलू के सरेंडर करने से ये एरिया खाली हो गया। गंगालूर एरिया कमेटी का इंचार्ज दिनेश मोढियम के सरेंडर करने से ये एरिया भी खाली हो गया। अब मद्देड़ का इंचार्ज बुच्चन्ना मारा गया। इससे तीनों एरिया कमेटी खाली हो गया है। बताया जा रहा है जिले में अब बस 1-2 एरिया ही बचे हैं। जहां नक्सली मौजूद है।
नक्सली संगठन का फॉर्मेट– 54 में से सिर्फ 10 टॉप नक्सली ही बचे
नक्सली संगठन का भी अपना एक फॉर्मेट है। इसमें सबसे ऊपर पोलित ब्यूरो होता है। उनके नीचे सेंट्रल कमेटी और उनके नीचे जोन और डिवीजन होते हैं। 10 महीने में चल रहे ऑपरेशन से नक्सली अब केवल बीजापुर की तरफ ही सिमटकर रह गए हैं।
बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र यादव ने बताया कि, फोर्स के टार्गेट में नक्सली लीडर्स हैं। देवजी, हिड़मा को लेकर भी इनपुट्स हैं। अब इनके पास जान बचाने के लिए सरेंडर का ही विकल्प है। जो भी बीच में आएगा, वह मारा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का दावा– देवजी-हिड़मा हथियार नहीं डालेंगे
इंटेलिजेंस अफसर और सरेंडर नक्सलियों ने बताया कि, जब से कर्रेगुट्टा में ऑपरेशन चल रहा है, तब से देवजी और हिड़मा इसी की पहाड़ियों-जंगल में छिप गए हैं। बिना वर्दी-हथियार के, जिससे पहचाने न जाएं, क्योंकि पुलिस के पास इनकी लेटेस्ट फोटो नहीं है। उन्होंने इसी जंगल में गोला-बारूद छिपा रखा है।
तेलंगाना कमेटी के सदस्य भी यहीं रहते हैं। नक्सली जंगलों में 31 मार्च 2026 की डेडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है इसके बाद ऑपरेशन बंद हो जाएगा। फिर ये संगठन को मजबूत करने में सक्रिय होंगे।
पुलिस के उच्च अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि, देवजी-हिड़मा हरगिज सरेंडर नहीं करेंगे, अंत तक लड़ेंगे। अगर, इन्होंने सरेंडर कर दिया तो भूपति, रूपेश जैसे इन्हें भी गद्दार कहा जाएगा।