छत्तीसगढ़ विधानसभा आज अपनी 25 वर्ष की संसदीय यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव दर्ज करने जा रही है। इस अवसर पर पुराने विधानसभा भवन में एक दिन का विशेष सत्र आयोजित किया गया है, जो पूरी तरह से प्रदेश की संसदीय परंपराओं, अनुभवों और लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट किया कि यह सत्र केवल एक दिन का होगा और इसी के साथ दिसंबर में प्रस्तावित नियमित शीतकालीन सत्र नवा रायपुर के नए विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा।
विशेष सत्र का केंद्रबिंदु राज्य के विधायकों के संसदीय अनुभव और बीते 25 वर्षों की संसदीय यात्रा का सामूहिक पुनरावलोकन होगा। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से दो दर्जन से अधिक विधायक अपने संसदीय जीवन की स्मृतियां, महत्वपूर्ण प्रसंग और विधानसभा से जुड़ी सीख को सदन के सामने रखेंगे। यह चर्चा न सिर्फ बीते वर्षों का दस्तावेजीकरण होगा, बल्कि आने वाले समय में विधानसभा की कार्यशैली और लोकतांत्रिक संस्कारों को और मजबूत करने की दिशा में एक मार्गदर्शक क्षण भी माना जा रहा है।
सत्र के दौरान इस बात पर भी चर्चा होने की संभावना है कि अब विधानसभा की पूर्ण कार्यवाही को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। स्पीकर रमन सिंह या संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप द्वारा इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव रखा जा सकता है। नए भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने के निर्णय को भी इसी बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है।
आज के सत्र की एक खास बात सभी मौजूदा विधायकों का समूह फोटो है, जिसे विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीकात्मक दस्तावेज माना जाएगा। यह सामूहिक तस्वीर राज्य की संसदीय यात्रा की एक ऐतिहासिक स्मृति के रूप में संरक्षित की जाएगी।
दोपहर तक चली कार्यवाही के बाद सदन को शीतकालीन सत्र तक के लिए स्थगित कर दिए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि अगली बैठक की तारीखें लगभग एक सप्ताह की छोटी नोटिस पर जारी कर दी जाएंगी और 10 दिसंबर के बाद नया सत्र नवा रायपुर के आधुनिक विधानसभा भवन में सीटिंगा जाएगा।