सर्दियों की बढ़ती ठंड को देखते हुए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। अब प्रदेश में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में परीक्षार्थी स्वेटर पहनकर शामिल हो सकेंगे। यह निर्णय विशेषकर सुबह की कड़ाके की ठंड और कई जिलों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचते तापमान को ध्यान में रखकर लिया गया है।
नए निर्देशों के अनुसार, स्वेटर के रंग पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और न ही आधी बांह की अनिवार्यता रहेगी। यानी अभ्यर्थी गहरे रंग के और फुल-स्लीव स्वेटर पहन सकते हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि स्वेटर में कहीं भी जेब नहीं होनी चाहिए। साथ ही प्रवेश के समय परीक्षार्थियों को स्वेटर उतारकर जांच करवानी होगी।
स्वेटर के नीचे पहनने वाले कपड़ों पर वही पुराना ड्रेसकोड लागू रहेगा—हल्के रंग और आधी बांह की टी-शर्ट या कुर्ता ही मान्य होगा। व्यापम की परीक्षाएं सुबह 11 बजे से शुरू होती हैं और मुख्य द्वार 10:30 बजे बंद कर दिया जाता है। अभ्यर्थियों को एक घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है, इसलिए सुबह जल्दी घर से निकलने वाले कैंडिडेट्स के लिए यह निर्णय काफी राहत देने वाला है।
पहले हल्के रंग के कपड़ों को लेकर भी विवाद होता रहा—कौन सा रंग हल्का माना जाएगा और कौन नहीं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए व्यापम ने कुछ दिन पहले हल्के रंगों की सूची जारी की थी। अब स्वेटर को लेकर भी विवाद न हो, इसलिए यह स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
हालांकि, फुटवियर को लेकर नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में चप्पल पहनकर ही प्रवेश मिलेगा—जूते या मोजे पहनने की अनुमति नहीं होगी।
ये नए नियम व्यापम की आगामी परीक्षाओं में लागू होंगे और अभ्यर्थियों के लिए सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।